इंदौर में दूषित पानी के कारण हुई जनता की मौत ने मोहन यादव सरकार की संवेदनशीलता पर गंभीर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है. प्रदेश भर में जल सुनवाई के दौरान आजतक की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि भोपाल में पानी की जांच के लिए जो कर्मचारी जिम्मेदार थे, उन्हें पूरी जानकारी न देते हुए जांच का कार्य सौंपा गया. यह लापरवाही जनता की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गई है. रिपोर्ट ने सरकार की प्रशासनिक संवेदनशीलता और लापरवाही को उजागर किया है, जो इस गंभीर समस्या के समाधान में बाधक साबित हो रही है.