भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत केस में सबसे ज्यादा चर्चा जिस बात की हो रही है, वह है दोनों परिवारों का हाईप्रोफाइल बैकग्राउंड. एक तरफ ससुराल पक्ष है, जहां परिवार का सेना, न्यायपालिका और कानून से गहरा संबंध रहा है. दूसरी तरफ ट्विशा का मायका है, जहां पिता वर्षों तक विदेश में फार्मा सेक्टर से जुड़े रहे हैं तो भाई भी सेना में मेजर है. सोशल मीडिया से लेकर कानूनी गलियारों तक हर जगह इसी बात की चर्चा है कि आखिर इस परिवार के भीतर ऐसा क्या हुआ, जिसने ट्विशा शर्मा को मरने पर मजबूर कर दिया.
ट्विशा के ससुराल पक्ष की बात करें तो परिवार लंबे समय से प्रभावशाली पृष्ठभूमि से जुड़ा रहा है. ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह जिला जज रह चुकी हैं. वहीं उनके पति सेना से जुड़े रहे थे. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खुद गिरिबाला सिंह ने कहा कि उनके पति ने देश के लिए अपनी जान दी है और सेना से उनका परिवार लंबे समय से जुड़ा रहा है. उधर, ट्विशा के पति समर्थ सिंह पेशे से वकील बताए जा रहे हैं. यानी एक ही परिवार में न्यायपालिका, सेना और कानून तीनों क्षेत्रों के बैकग्राउंड से जुड़ा है.
मायका भी कम प्रभावशाली नहीं
सिर्फ ससुराल ही नहीं, ट्विशा का मायका भी प्रभावशाली माना जा रहा है. ट्विशा के पिता करीब 20 साल तक उज्बेकिस्तान में फार्मा सेक्टर में काम कर चुके हैं. वहीं भाई सेना में मेजर है.ट्विशा का परिवार भी लगातार अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग कर रहा है और मामले की निष्पक्ष जांच पर जोर दे रहा है.
मौत से पहले मां से हुई चैट ने बढ़ाई हलचल
इस पूरे केस में नया मोड़ तब आया, जब ट्विशा और उसकी मां के बीच हुई व्हाट्सएप चैट सामने आई. बताया जा रहा है कि यह बातचीत मौत से पांच दिन पहले यानी 7 मई की है. इन चैट्स में ट्विशा बेहद परेशान नजर आ रही है. उसने मां को लिखा कि बहुत परेशान हूं, ये लोग बहुत घटिया हैं, शक करते हैं. एक अन्य मैसेज में उसने पति समर्थ सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए लिखा कि वह पूछता था कि मेरे पेट में किसका बच्चा है. ट्विशा ने अपनी मां से उसे वहां से ले जाने की भी गुहार लगाई थी. उसने लिखा कि मुझे यहां से आकर ले जाओ. ये लोग मुझे जीने नहीं देंगे. एक जगह उसने अपनी जिंदगी को नरक तक बता दिया. इन चैट्स के सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर और तेजी से वायरल होने लगा.
सास गिरिबाला सिंह ने क्या कहा
ट्विशा की मौत के बाद सास गिरिबाला सिंह खुलकर सामने आईं और उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर परिवार पर लगे आरोपों का जवाब दिया. उन्होंने कहा कि समर्थ और ट्विशा ने एक-दूसरे को पसंद किया था और दोनों परिवारों की सहमति से शादी हुई थी. गिरिबाला सिंह के मुताबिक दोनों परिवारों की पृष्ठभूमि अलग थी, लेकिन फिर भी रिश्ते को स्वीकार किया गया. उन्होंने यह भी कहा कि ट्विशा बहुत कम उम्र में ग्लैमर वर्ल्ड में आ गई थी और उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती थी. उनका दावा है कि ट्विशा का इलाज चल रहा था और डॉक्टरों ने दवाइयां भी दी थीं, लेकिन वह नियमित रूप से दवाएं नहीं लेती थी. उन्होंने कहा कि ट्विशा बच्चा नहीं चाहती थी और उसने खुद MTP पिल ली थी. गिरिबाला सिंह के मुताबिक समर्थ कोर्ट में था, तभी ट्विशा ने फोन कर यह जानकारी दी थी.
ड्रग्स और व्यवहार को लेकर भी दावे
प्रेस कॉन्फ्रेंस में गिरिबाला सिंह ने यह भी दावा किया कि ट्विशा ने खुद भारी मात्रा में मारिजुआना लेने की बात स्वीकार की थी. हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है. उन्होंने यह भी कहा कि जब भी ट्विशा दिल्ली से लौटकर आती थी तो उसका व्यवहार बदल जाता था. ससुराल पक्ष का दावा है कि MTP के बाद ट्विशा ने अलग कमरे में सोना शुरू कर दिया था और वह स्पेस चाहती थी.
वकील ने उठाए आर्थिक लेनदेन पर सवाल
इस पूरे मामले में गिरिबाला सिंह के वकील इनोश जार्ज कारलो भी सामने आए. उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किलों को झूठे केस में फंसाया जा रहा है. वकील ने दावा किया कि दहेज मांगने के आरोप गलत हैं. उन्होंने कहा कि पिछले चार-पांच महीनों में समर्थ और उसके परिवार की ओर से करीब आठ लाख रुपये ट्विशा के बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए थे. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर उनका परिवार दहेज मांग रहा था, तो फिर उल्टा पैसे क्यों भेजे जाते? वकील ने यह भी मांग की कि ट्विशा के बैंक खातों और खर्चों की जांच होनी चाहिए.
अब पति समर्थ सिंह पर इनाम
मामले में अब पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. आरोपी पति समर्थ सिंह पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है. पुलिस की टीमें अलग-अलग ठिकानों पर उसकी तलाश कर रही हैं. समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है. वहीं भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा कि मामले में पुलिस निष्पक्ष तरीके से जांच कर रही है. उन्होंने कहा कि नवविवाहिता मौत के मामलों में सभी तथ्यों और साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जाती है, इसलिए प्रक्रिया में थोड़ा समय लगता है. पुलिस के मुताबिक मामले में किसी तरह की देरी नहीं की जा रही है और जांच के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.