मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा स्थित प्रसिद्ध जाम सांवली हनुमान मंदिर में होली पर्व की महाआरती के दौरान एक चमत्कार देखने को मिला. मंदिर में आरती के दौरान झूल रही महिला के पास एक सांप पहुंच गया और महिला भी बिना किसी भय के देर तक जहरीले जीव को पकड़कर भक्ति भाव से नाचती रही. जब आरती खत्म होने पर महिला ने जब सांप को छोड़ा तो वह पानी निकासी के रास्ते बाहर चला गया.
छिंदवाड़ा जिले के सौंसर ब्लॉक में जामसांवली नामक जगह पर विश्व प्रसिद्ध चमत्कारिक श्री हनुमान मंदिर है. जहां आए दिन चमत्कार सामने आते हैं. आस्था का केंद्र जामसांवली अपने चमत्कारिक गुणों से चर्चा में बना रहता है. ऐसा ही कुछ 7 मार्च को फिर देखने मिला, जब शाम की आरती के समय सैकड़ों लोगों के बीच अचानक एक सांप पहले से आरती में झूम रही महिला तक पहुंच गया, जिसके बाद महिला श्रद्धालु भी आरती के दौरान सांप को पकड़कर झूमती रही.
मंदिर में मौजूदा लोगों का कहना है कि ऐसा प्रतीत हो रहा था कि मानो स्वयं नागदेवता हनुमानजी के आरती में आए हों. वहीं, आरती खत्म होने पर महिला ने जब नाग को छोड़ा तब वह अचानक से मंदिर के पानी निकासी के रास्ते बाहर निकल गया. इस पूरी घटना को आरती में मौजूद एक शख्स ने अपने मोबाइल के कैमरे में कैद कर लिया. चमत्कारी जामसांवली हनुमान मंदिर में यह नजारा आस्था और विश्वास के चलते चमत्कार की दृष्टि से देखा जा रहा है. देखें Video:-
जामसांवली मंदिर के अध्यक्ष धीरज ने बताया कि यह पहली बार हुआ है कि मंदिर में सांप दिखाई दिया हो. वह भी आरती के दौरान. आरती के दौरान झूम रही महिला के पास अचानक नाग पहुंचता है, जिसे उठाकर महिला पूरी आरती में झूमती रही और आरती के बाद नाग स्वयं ही वहां से बगैर कोई नुकसान पहुंचाए मंदिर परिसर से बाहर हो गया.
दर्शन करने पहुंचे युवक ने बताया आंखों देखा नज़ारा
मंदिर के दर्शन करने पहुंचे नीलेश ने बताया कि आरती के समय अद्भुत नज़ारा देखने को मिला, जिसमें महिला के पास अचानक कहीं से नागदेवता आ पहुंचे और वह उसे लेकर झूमती रही. यह आस्था का विषय है कि इतने लोगों के बीच में अचानक नाग का आ जाना और आरती के बाद बगैर किसी को नुकसान पहुंचाए या उस महिला को नुकसान पहुंचाए वहां से चला गया.
हमेशा से चर्चा में रहा है जामसांवली मंदिर
जामसांवली में चमत्कार पहली बार हुआ हो, ऐसा नहीं है. यह वह स्थान है जहां कइयों की नैया पार लगी है. मंदिर में स्थित हनुमान जी के समीप प्रांगण में मानसिक रोगी समेत कइयों की हाजरी भी लगती है जिसमें से हजारों लोगों को लाभ भी पहुंचा है. ऐसा मानना है कि यह वह स्थान है जहां से कोई खाली हाथ नहीं लौटता. लाखों लोगों की भक्तों और आस्था का यह केंद्र अपने चमत्कार से हमेशा चर्चा में रहता है.
हनुमान जी की नाभि से बहती है जलधारा
इस मंदिर की खास बात ये है कि हनुमान जी यहां विश्राम अवस्था में विराजमान हैं. हनुमान जी निद्रा अवस्था में विराजमान हैं. मूर्ति और इसकी स्थापना किसने की इसका कोई प्रमाण नहीं है. नागपुर से छिंदवाड़ा रोड पर जामसांवली नामक एक छोटी सी जगह अपने चमत्कार से प्रचलित है. शासकीय दस्तावेज के अनुसार, मंदिर सौ वर्ष से भी पुराना है. हनुमानजी की नाभि से जलधारा बहती रहती है. मान्यता है कि सुबह शाम की आरती में शामिल होने और नाभि से निकलने वाले जल का पान करने से भूत प्रेत बाधा और मानसिक रोगों से मुक्ति मिलती है. इसी वजह से मानसिक रोगी, भूत प्रेत बाधा से ग्रसित लोगों का यहां मेला लगा रहता है.
कहां स्थित है जामसांवली हनुमान मंदिर
मध्य प्रदेश के प्राचीन क्षेत्र में सतपुड़ा पर्वत श्रृंखलाओं के बीच स्थित है. नागपुर-छिंदवाड़ा रोड पर बजाज जॉइंट चेक से 15 किमी की दूरी पर स्थित है, जो नागपुर से 66 किमी दूर है. जहां सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है और सौंसर के लिए रेल मार्ग भी उपलब्ध है. जामसांवली मंदिर एक वन क्षेत्र में स्थित है, लेकिन अब यहां अधिक घने जंगल नहीं हैं. हालांकि, यह इलाका कभी औषधीय पौधों से भरा हुआ माना जाता था. देखें Video:-