मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव (MP Assembly Election) के माहौल के बीच अफसरों का अपनी नौकरी से मोहभंग हो रहा है. एक के बाद एक कई अफसर लगातार अपनी नौकरी से अलविदा कहकर राजनीति में जाने को आतुर दिखाई दे रहे हैं. इसी क्रम में एसडीओपी यशस्वी शिंदे ने अपना इस्तीफा सौंप दिया. कयास लगाए जाने लगे कि राजनीति में उतरने के लिए उन्होंने ऐसा किया. लेकिन रात होते-होते एसडीओपी यशस्वी शिंदे (SDOP Yashsvi Shinde) ने यूटर्न ले लिया.
यशस्वी शिंदे का दो दिन पहले ही एसडीओपी मनासा से डीएसपी अजाक के पद पर ट्रांसफर हुआ था. इसके बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया. यह इस्तीफा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) प्रशासन के नाम भेजा गया था. एक राजपत्रित अधिकारी के सरकारी नौकरी से त्याग पत्र देने की सूचना पर पुलिस विभाग में हलचल मच गई थी. SDOP ने देर शाम अपने इस्तीफे को वापस ले लिया है. फिलहाल न तो ये स्पष्ट हो पाया है कि इस्तीफ क्यों दिया था, और न ही ये स्पष्ट हो पाया है कि इस्तीफा किसके दवाब में वापस लिया गया है.
स्वास्थ्य कारणों को बताया इस्तीफे की वजह
एसडीओपी यशस्वी शिंदे ने फिलहाल अपना इस्तीफा वापस ले लिया है. अपने पत्र में उन्होंने इस्तीफा देने के पीछे अपने स्वास्थ्य कारणों को बताया है. उन्होंने पत्र में लिखा “व्यक्तिगत और पारिवारिक कारणों से मेरे द्वारा त्यागपत्र दिया गया है. सभी कुछ सहयोगआत्मक तरीके से समाधान हो गया है. त्यागपत्र देना एक क्षणिक निर्णय था. जो मैंने अब वापस ले लिया है”
बता दें, बीते दिनों प्रदेश में अफसरों के इस्तीफे की दो बड़ी खबरें सामने आईं. जिसमें शहडोल कमिश्नर राजीव शर्मा ने अपना इस्तीफा दिया. उससे पहले डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे ने अपनी इस्तीफा दिया. हालांकि, उनका इस्तीफा अस्वीकार किया गया है. वहीं, कहा जा रहा है कि शहडोल कमिश्नर राजीव शर्मा का इस्तीफा एक से दो दिन में मंजूर कर लिया जाएगा.