मध्य प्रदेश के रायसेन जिले से एक बेहद शर्मनाक और अमानवीय मामला सामने आया है, जहां बेटे की प्रेम शादी की सजा एक 70 वर्षीय बुजुर्ग को भुगतनी पड़ी. ग्राम अगरिया मारखो के रहने वाले बिहारी बंजारा के साथ लड़की पक्ष के लोगों ने न सिर्फ मारपीट की, बल्कि उन्हें जबरन पेशाब पिलाकर वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
जानकारी के अनुसार 5 मार्च को रायसेन के नयापुरा अगरिया मालखो टोला निवासी एक युवक विदिशा जिले के शमशाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम तलैया की नाबालिग लड़की को भगाकर ले गया था. इस मामले में 6 मार्च को शमशाबाद थाने में केस दर्ज किया गया था. इसके अगले दिन 7 मार्च की सुबह लड़की पक्ष के परिजन और रिश्तेदार दो चारपहिया वाहनों में सवार होकर रायसेन पहुंचे.
आरोप है कि उन्होंने पहले बुजुर्ग बिहारी बंजारा से लड़की के बारे में पूछताछ की और फिर उनके साथ मारपीट की. इसके बाद बहाने से उन्हें अपने साथ चलने के लिए कहा और जबरदस्ती वाहन में बैठाकर अपने साथ ले गए. बताया गया कि करीब 10 से 12 लोग बुजुर्ग को राजगढ़ जिले के मोतीपुरा गांव ले गए, जहां लड़का और लड़की का कोई पता नहीं चला.
बुजुर्ग को बेरहमी से पीटा
इस दौरान गुस्साए लोगों ने बुजुर्ग के साथ अमानवीय व्यवहार करते हुए उन्हें शराब की बोतल में पेशाब भरकर पिलाई और इसका वीडियो भी बना लिया. बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई.
गुरुवार को पीड़ित बुजुर्ग बिहारी बंजारा अपने परिवार के साथ पुलिस चौकी सेण्डोरा पहुंचे और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद रायसेन पुलिस ने राजगढ़ पुलिस को भी सूचना दी. घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की.
रायसेन एसडीओपी प्रतिभा शर्मा के अनुसार यह घटना 7 मार्च की है, जबकि वीडियो बुधवार को वायरल हुआ. पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर सलामतपुर निवासी दो आरोपियों को हिरासत में लिया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं.
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की
राजगढ़ पुलिस भी इस मामले में सक्रिय हो गई है और गुरुवार को टीम रायसेन पहुंची. पीड़ित को साथ ले जाकर संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है. पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. यह घटना समाज में बढ़ती हिंसा और कानून को हाथ में लेने की प्रवृत्ति को उजागर करती है, जहां एक निर्दोष बुजुर्ग को बिना किसी गलती के सजा दी गई.