मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में एक मेधावी एमबीए छात्रा की हत्या ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है. इस दर्दनाक घटना में जहां एक परिवार अपनी बेटी के खोने के गम में डूबा है, वहीं आरोपी का परिवार भी अपने बेटे के कृत्य से सदमे में है. अब इस केस में सिर्फ न्याय की मांग ही नहीं, बल्कि साजिश के आरोप भी खुलकर सामने आने लगे हैं, जिससे जांच की दिशा और जटिल हो गई है.
मृतका के पिता ने उठाए गंभीर सवाल
अपनी बेटी को खोने से टूटे पिता ने मीडिया से बातचीत में आरोपी पीयूष के पिता पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि पीयूष अकेले इतनी बड़ी वारदात को अंजाम नहीं दे सकता था. उन्होंने दावा किया कि घटना वाले दिन, यानी 10 तारीख को, पीयूष के पिता इंदौर में ही मौजूद थे. मृतका के पिता ने यह भी सवाल उठाया कि अगर पीयूष आत्मसमर्पण करना चाहता, तो तुरंत कर सकता था. उनके अनुसार आरोपी को पीछे से पूरा सहयोग मिला, जिसकी वजह से वह मुंबई तक भागने में सफल रहा. उन्होंने पुलिस से मांग की है कि पीयूष के परिजनों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की गहन जांच की जाए, क्योंकि उनके मुताबिक यह पूरी घटना एक सोची-समझी योजना का हिस्सा हो सकती है.
आरोपी के पिता ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
दूसरी ओर, आरोपी पीयूष के पिता ने मीडिया के सामने आकर इन आरोपों को खारिज किया है. उन्होंने भावुक होकर कहा कि उन्हें घटना की जानकारी तब मिली जब कॉलेज से फोन आया और बताया गया कि पीयूष दो दिनों से लापता है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे अपने बेटे के किए से बेहद शर्मिंदा हैं और चाहते हैं कि उसे कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा मिले. उन्होंने समाज से माफी मांगते हुए कहा कि यदि उनकी भी कोई जिम्मेदारी बनती है तो वे दंड भुगतने को तैयार हैं, लेकिन न्याय जरूर होना चाहिए.
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, इंदौर के द्वारकापुरी क्षेत्र में रहने वाली एमबीए छात्रा की हत्या उसके ही प्रेमी पीयूष ने की थी. वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया था, जिसे पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल वह सेंट्रल जेल में बंद है. हालांकि दोनों परिवारों के बीच चल रहे आरोप-प्रत्यारोप ने इस मामले को और उलझा दिया है. अब यह जांच का विषय है कि यह अपराध महज एक सनकी जुनून का परिणाम था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी है.