मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक और मुगलकालीन नाम को बदला गया है. बरखेड़ा पठानी का नाम बदलकर अब पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाम पर शास्त्री नगर रखा गया है.
इससे पहले भी मध्य प्रदेश सरकार ने हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर रानी कमलापति रेलवे स्टेशन और इस्लाम नगर का बदलकर जगदीशपुर कर दिया था. अप्रैल महीने में ही भोपाल से सटे सीहोर जिले के नसरुल्लागंज का नाम बदलकर भैरूंदा कर दिया गया था. इसको लेकर एमपी सरकार की ओर से नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया था.
दरअसल, शिवराज सरकार ने नसरुल्लागंज का नाम बदलकर भैरूंदा करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था और केंद्रीय गृह मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद राज्य शासन द्वारा गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया था.
नसरुल्लागंज सीएम शिवराज के विधानसभा क्षेत्र बुधनी के अंतर्गत ही आता है और कुछ समय पहले शिवराज सिंह चौहान ने नसरुल्लागंज में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इसका नाम बदलने की घोषणा की थी.
बीते साल भोपाल नगर निगम की बैठक में राजधानी के दो इलाकों का नाम बदला गया था. हलालपुर बस स्टैंड का नाम हनुमानगढ़ी और लालघाटी का नाम महेंद्र नारायण दास जी महाराज सर्वेश्वर चौराहा कर दिया गया था.
यह दोनों प्रस्ताव भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर द्वारा पेश किए गए थे. सांसद के प्रस्ताव का निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने समर्थन करते हुए दोनों ही प्रस्ताव को पारित कर दिया था.
भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने अपने प्रस्ताव में कहा था, "हलालपुरा का हलाल शब्द अशुद्ध और खराब है. गुलामी का प्रतीक हटाकर हम पुन: भारत का इतिहास बदलने का दम रखते हैं. हम भोपाल का भी इतिहास बदलने और पुन: निर्माण करने के लिए खड़े हैं. हलाल नाम अशुद्ध है. इसे हटाया जाना चाहिए."
सांसद ने कहा था कि मेरा प्रस्ताव और अनुशंसा है कि हलालपुरा बस स्टैंड का नाम हनुमानगढ़ी बस स्टैंड रखा जाए. लालघाटी चौराहे पर कई हत्याएं हुई हैं और कई वीर-वीरांगानाएं शहीद हुई हैं, इसलिए हम उन्हें याद करते हुए नमन करें और चौराहे का नाम श्री महेंद्रनारायण दास जी महाराज सर्वेश्वर चौराहा रखा जाए.