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Mandla Triple Murder Case: जादू-टोने के शक में भतीजों ने की थी हत्या, महिला का सिर काट ले गए थे आरोपी

MP News: पुलिस ने मंडला में हुए ट्रिपल मर्डर की गुत्थी को सुलझा कर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है. मृतक नर्मद सिंह और सुकरती बाई के सगे भतीजों ने मिलकर ही उनकी बेरहमी से हत्या की थी.

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स्टोरी हाइलाइट्स
  • मंडला के ट्रिपल मर्डर की गुत्थी सुलझी
  • जादू-टोना के शक में भतीजों ने की हत्या

MP News: मध्य प्रदेश के मंडला में पुलिस ने ट्रिपल मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश किया है. आरोपी मृतकों के संबंधी ही निकले, जिन्होंने जादू-टोना के शक में इस वारदात को अंजाम दिया. मंगलवार सुबह ग्राम पातादेई थाना मोहगांव में नर्मद सिंह, सुकरती बाई और उनकी पोती महिमा वरकड़े का शव घर की छत पर मिला था. तीनों की धारदार हथियार से हत्या की गई थी. हत्यारे सुकरती बाई का सिर धड़ से अलग कर अपने साथ ले गए थे और घटनास्थल से कुछ दूर उसके सिर को एक पेड़ पर लटका दिया था.

पुलिस ने इस ट्रिपल मर्डर की गुत्थी को सुलझा कर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है. मृतक नर्मद सिंह और सुकरती बाई के सगे दो भतीजों ने मिलकर ही उनकी बेरहमी से हत्या की थी. आरोपी मोतीलाल वरकडे़ और खेतु वरकड़े को शक था कि सुकरती बाई जादू-टोना से उन्हें नुकसान पहुंचाती थी. आरोपियों में से एक के पिता की मौत हो गई, जबकि दूसरे के पिता को लकवा मार गया है. इन सब के लिए वे सुकरती बाई को ही जिम्मेदार मानते थे जिसकी वजह से उन्होंने उसकी हत्या कर दी. पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत की माने तो जादू-टोना के शक में वारदात को अंजाम दिया गया. 

मामले के एक आरोपी मोतीलाल के पिता देवसिंह वरकडे़ की मृत्यु हो चुकी है. आरोपी के मुताबिक, सुकरती बाई कहा करती थी कि उसे मैंने मार दिया. इसी तरह मामले के दूसरे आरोपी खेतु वरकड़े के पिता देवलाल वरकडे़ को लकवा मार गया. लकवा लगने को भी वह (सुकरती) कहती थी कि मैंने कर दिया. इसी तरह उसने इनके एक्सीडेंट की बात कही. इन्हें लगने लगा कि वो उन्हें नुकसान पहुंचा रही है और वो इनके बारे में जो भी बुरा कहती है, वो हो जाता है.

इसी वजह से आरोपियों ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया. उन्होंने सुकरती बाई के पति नर्मद सिंह की हत्या इसलिए की वो अपनी पत्नी की मदद किया करते थे. आरोपियों ने अपनी भतीजी कुमारी महिमा बरकड़े की हत्या इसलिए कर दी क्योंकि उसकी मां की मृत्यु उसके जन्म के वक्त ही हो गई थी तो उसकी दादी सुकरती बाई ने ही उसको दूध पिलाया था.  

आरोपियों को लगता था कि महिमा में भी अपनी दादी की तरह हो रही है जो आगे चलकर घातक हो सकती है, इसलिए उन्होंने इसको भी मौत के घाट उतार दिया. आरोपियों ने सुकरती बाई का सिर काट कर पेड़ में लटकाने की वजह भी पुलिस को बताई. पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत के मुताबिक, आरोपियों ने बताया कि उन्होंने उसका सिर काट कर पेड़ पर इसलिए लटकाया था ताकि लोगों का डर दूर हो. इसके अलावा जो लोग ऐसा काम कर रहे हैं, वो भी सुधर जाए नहीं तो उनका अंजाम भी ऐसा ही होगा. 

दोनों चचेरे भाइयों ने आपस में सलाह कर इस वारदात को अंजाम दिया. उन्होंने पहले देखा कि छत पर कौन-कौन सोने जा रहा है. रात में गांव में ही एक शादी थी. आरोपियों ने शादी की चहल-पहल खत्म होने का इंतजार किया. जब पूरा गांव सुनसान हो गया तो वे छत पर चढ़े और इस घटना को अंजाम देकर अपने घर चले गए.

पुलिस जब आसपास के घरों में लोगों से बात कर सुराग खोज रही थी तो उसे पता चला कि रात में मोतीलाल घर से गया था और सुबह 5 बजे वापस आया. पुलिस जब उसके घर पहुंची तो एक कपड़े में खून के निशान मिले. पुलिस ने जब कपड़ों की तलाशी ली तो उसके जेब में सर्जिकल डिस्पोजेएबल ग्लव्स का पैकेट मिला. पुलिस ने जब उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पूरा मामला साफ हो गया.

 

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