मध्य प्रदेश के खरगोन जिला मुख्यालय से करीब 90 किलोमीटर दूर बड़वाह तहसील के छोटे कस्बे बांसवा में रहने वाले अमन कालरा का दिमाग किसी वैज्ञानिक दिमाग से कम नहीं है. बड़े-बड़े डिग्रीधारियों को पीछे छोड़ते हुए आठवीं तक पढ़े अमन ने देश के जांबाज सिपाहियों के लिए एक ऐसा रोबोट तैयार किया है, जिससे दुश्मन भी मारा जाए और हमारे जवान सुरक्षित भी रहें. दरअसल, प्रतिभावान इस युवक ने एक ऐसा रोबोट तैयार किया है जिसमें दुनिया की किसी भी गन को अटैच कर ब्लूटूथ के जरिए 5 किलोमीटर दूर से मोबाइल से ऑपरेट किया जा सकता है. अमन ने महज ₹6000 के कबाड़ से यह रोबोटिक गन तैयार की गई है. इसलिए बनाई रोबोटिक गन...
घर से आर्थिक रूप से बेहद कमजोर अमन कालरा बचपन से ही कुछ नया करने का जुनून रखते हैं. अमन का मानना है, हमारे देश के सैकड़ों जवान जंग के दौरान शहीद हो जाते हैं, हमारे जवानों की सुरक्षा के लिए मैंने एक ऐसी रोबोटिक गन तैयार करने का निर्णय लिया, जो 5 किलोमीटर दूर से ही ऑपरेट कर दुश्मन को ढेर कर सके. मोबाइल के माध्यम से संचालित होने वाली रोबोटिक गन से दुनिया की कोई भी बंदूक फिट करके ब्लूटूथ के माध्यम से संचालित कर दुश्मन को मार गिराया जा सकता है. इसमें ब्लूटूथ के साथ स्पेशल डिवाइस लगाई गई है. इससे मोबाइल के माध्यम से 5 किलोमीटर की रेंज से निशाना साधा जा सकता है.
एक माह की कड़ी मेहनत के बाद तैयार किया रोबोट
कबाड़ से जुगाड़ की परिपाटी पर अमन ने रोबोटिक गन का डिजाइन किया है. इसमें दो माह का समय और कड़ी मेहनत भी लगी. आर्थिक हालात बेहतर न होने के चलते पिता दर्शनलाल कालरा, भाजपा विधायक सचिन बिरला, आबकारी विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर अभिषेक तिवारी ने मदद की.
अमन ने इन वस्तुओं का किया उपयोग
5 किलोमीटर दूर से दुश्मनों पर निशाना साधने वाली रोबोटिक गन को जुगाड़ की वस्तुओं से तैयार किया गया. इसमें आर्डिनो, मोटरपंप, मोबाइल ब्ल्यूटूथ, लकड़ी के मॉडल से इसे तैयार किया गया है.
8वीं तक पढ़े अमन को मिल चुके तमाम पुरस्कार
आबकारी विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर अभिषेक तिवारी का कहना है, अमन कालरा प्रतिभावान युवक है. महज आठवीं तक पढ़े अमन ने कई रोबोट तैयार किए हैं. कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा ने अमन को पुरस्कृत भी किया गया था. अमन ने एक ऐसी रोबोटिकगन तैयार की है जिसमें कोई भी गन लगाकर करीब 5 किलोमीटर दूर से ब्लूटूथ और मोबाइल के माध्यम से सेना के जवान निशाना साधकर दुश्मन को ढेर कर सकते हैं. हमने अमन की छोटी सी मदद की है. कलेक्टर साहब से भी युवक को सहयोग की बात कहेंगे.
सेना के बेहद काम आएगा रोबोट
अमन कालरा का कहना है, ''मैंने पिछले साल एक रोबोट बनाया था और अभी एक डिफेंस के लिए रोबोट बनाया है. जो सेना के बेहद काम आएगा. इसमें दुनिया के किसी भी प्रकार की गन अटैक की जा सकती है. ब्लूटूथ और मोबाइल के माध्यम से इसे संचालित कर 5 किलोमीटर दूर से चला सकते हैं. इसे बनाने में मुझे 2 महीने का समय लगा और करीब ₹6000 की लागत लगी. इसमें सहायता मेरे पिता दर्शनलाल कालरा और आबकारी विभाग के अभिषेक तिवारी जी ने की है. मेरी माननीय मुख्यमंत्री जी से अपील है कि मेरी आर्थिक रूप से सहायता करें, ताकि मैं देश के लिए और भी अच्छे रोबोट तैयार करूं.''