इंदौर से खरगोन आ रही एक यात्री बस में शुरू हुआ विवाद कसरावद थाने के घेराव और चक्काजाम तक पहुंच गया. हिंदू संगठनों ने थाना प्रभारी राजेंद्र बर्मन पर दुर्व्यवहार और लाठीचार्ज का आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने की मांग की है.
दरअसल, यह पूरा मामला एक यात्री बस में यात्रियों के बीच विवाद से जुड़ा है. इंदौर से खरगोन की तरफ आ रही मां शारदा ट्रैवल्स की यात्री बस खलघाट में महावीर होटल पर नाश्ते के लिए रुकी थी. होटल में भीड़भाड़ के बीच गलती से एक विशेष समुदाय की युवती के पैर पर हिंदू युवक ने पैर रख दिया.
इस बात पर हुए विवाद में विशेष समुदाय के तीन युवकों ने हिंदू लड़के की पिटाई कर दी. जैसे-तैसे करके अन्य यात्रियों ने इस पूरे मामले को शांत कराया. बस होटल से आगे ही बढ़ी थी कि अरिहंत नगर के पास हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने उसे रुकवा लिया. यहां दोनों पक्षों के बीच बहस के बाद पुलिस बुलाई गई, जो बस को कसरावद थाने ले आई.
थाने में बातचीत के बाद थाना प्रभारी राजेंद्र बर्मन ने युवकों को उतार कर ड्राइवर को बस आगे ले जाने की अनुमति दे दी. बस छोड़ने पर हिंदू संगठन ने विरोध किया. वे थाने से निकलकर सामने स्थित जय स्तंभ चौराहे पर इकट्ठा हो गए.
थाना प्रभारी राजेंद्र बर्मन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया. इसके बाद कसरावद में मामला गरमा गया. इस पूरे मामले के बाद एडिशनल एसपी शकुंतला रूहल, एसडीओपी श्वेता शुक्ला कई थाने के थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ कसरावद थाना पहुंचे और प्रतिनिधि मंडल से चर्चा कर हालात संभालने का प्रयास किया.
एडिशनल एसपी शकुंतला रुहल ने आवेदन देने पर जांच करने की बात कही. इसके बाद हिंदू संगठन ने बात मान आवेदन दिया इसके बाद पूरा मामला शांत हुआ.
एडिशनल एसपी शकुंतला रुहल का कहना है, ''किसी बात को लेकर हिंदू संगठन के लोग चक्काजाम करने बैठे थे. उनका आरोप है कि थाने के कर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट की. आवेदन की जांच कराई जाएगी. जांच के उपरांत जो भी निष्कर्ष निकलेगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी. दो लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. विवाद का मूल कारण मारपीट है. फरियादी टिग्रियाव का रहने वाला है. आरोपी एक धामनोद का और तीन इंदौर के रहने वाले बताए गए हैं.'''
भाजपा महामंत्री प्रकाश पाटीदार का कहना है, ''थाना इंचार्ज का व्यवहार सम्मानजनक नहीं है. कार्रवाई करने की मांग को लेकर हमारे भाई गए तो उन्होंने लाठीचार्ज करा दिया. इस बात को लेकर ही आक्रोश था और उच्च अधिकारियों ने कार्रवाई को लेकर आश्वासन दिया है.''