मध्य प्रदेश विधानसभा में 'औकात' शब्द के इस्तेमाल पर हुआ बवाल अब निजी हमलों में तब्दील हो गया है. सदन में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को 'औकात' में रहने की नसीहत देने वाले संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपने बयान पर अब भी अडिग नजर आ रहे हैं. वहीं, उमंग सिंघार ने इसे इंदौर जल त्रासदी से ध्यान भटकाने की साजिश करार दिया है.
सदन में हुए हंगामे और मुख्यमंत्री की माफी के बाद जब मीडिया ने कैलाश विजयवर्गीय से सवाल किया, तो उनका अंदाज हमेशा की तरह बेबाक था.
विजयवर्गीय ने कहा, "कई बार हो जाता है यार, बहुत सामान्य सी बात है. कभी-कभी गुस्सा आ जाता है."
BJP के सीनियर लीडर और मंत्री कैलाश ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को 'कप्तान' बताते हुए कहा, "कप्तान ने माफी मांग ली तो क्या हो गया यार." उन्होंने कहा कि उमंग सिंघार का अपना एक अंदाज है, जिससे बहस बढ़ गई.
उमंग सिंघार का 'पहलवानी' वाला पलटवार
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विजयवर्गीय के वरिष्ठ होने का हवाला देते हुए उन पर तीखा हमला बोला. सिंघार ने कहा कि एक वरिष्ठ मंत्री जब ऐसी भाषा का उपयोग करता है, तो उनकी मानसिक स्थिति समझी जा सकती है.
सिंघार ने तंज कसते हुए कहा, "कैलाश जी उम्रदराज हैं, उन्हें अब सदन में पहलवानी नहीं करनी चाहिए."
सिंघार का आरोप है कि अडानी डील और इंदौर (भागीरथपुरा) में गंदे पानी से हुई मौतों के मुद्दे पर घिरी सरकार जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे विवाद पैदा कर रही है.
क्या था पूरा विवाद?
सिंघार ने आरोप लगाया था कि सिंगरौली में अडानी ग्रुप के साथ समझौते से सरकार 25 साल में 1.25 लाख करोड़ रुपये देने वाली है.
बहस के दौरान विजयवर्गीय ने सिंघार को 'औकात' में रहने को कहा, जिस पर सिंघार ने पलटवार करते हुए कहा, "मैं तुम्हें औकात दिखा दूंगा."
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि उन्होंने सदन से उन शब्दों के लिए माफी मांगी जो उन्होंने जाने-अनजाने में कहे थे. सिंघार ने कहा कि वह CM की बात का सम्मान करते हैं और संसदीय शिष्टाचार का सम्मान करते हैं. सिंघार ने कहा, "अगर मेरी तरफ से कुछ हुआ है, तो मैं भी अफसोस जाहिर करता हूं."
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने इसे 'असहज स्थिति' बताते हुए कहा कि अनुभवी नेताओं द्वारा हदें पार करना चिंताजनक है.