मध्य प्रदेश के इंदौर की रहने वाली तनिष्का सिर्फ 11 साल की उम्र में दसवीं की परीक्षा पास कर चुकी थीं. इसके बाद 12 साल में 12वीं कर ली. अब तनिष्का को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात का मौका मिला है. तनिष्का आंखों पर पट्टी बांधकर किताब पढ़ लेती है और रूबिक क्यूब भी सॉल्व कर लेती है.
तनिष्का की इस प्रतिभा के बारे में इंदौर के सांसद शंकर लालवानी को पता चला तो उन्होंने उसकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कराने का प्रयास किया. तनिष्का ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की.
तनिष्का सुजीत ने बताया कि साइकोलॉजी में ग्रेजुएशन करने के बाद यूएस से लॉ की पढ़ाई करूंगी. तनिष्का ने कहा कि मेरा सपना चीफ जस्टिस बनने का है. प्रधानमंत्री ने न्योता दिया था, जिसके बाद मुलाकात हुई. 11 साल में 10वीं और 12 साल में 12वीं और 13 साल में साइकोलॉजी स्कूल ऑफ सोशल साइंस में एडमिशन हो गया था. अब 15 साल की उम्र में कंप्लीट होने वाला है.
10वीं की परीक्षा के लिए ली थी राज्यपाल से परमिशन
तनिष्का ने कहा कि पांचवीं क्लास तक साधारण तरीके से पढ़ाई की. उसके बाद परिजनों को लगा कि बेटी कुछ अलग कर सकती है, इसलिए पांचवीं क्लास में आठवीं-दसवीं का कोर्स कराया गया. इसके बाद 10वीं की परीक्षा के लिए राज्यपाल से परमिशन ली और परीक्षा में सफलता मिली. इंदौर की तनिष्का बेहद प्रतिभाशाली और होनहार है. तनिष्का ने कोरोना काल में अपने पिता को खो दिया था.
प्रधानमंत्री मोदी ने 15 मिनट तक तनिष्का से की मुलाकात, सवाल भी पूछे
तनिष्का का कहना है कि मेरा बचपन से सपना है कि बड़ी होकर सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस बनूं. इसके लिए खासी मेहनत की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने का सपना था. प्रधानमंत्री ने भी तनिष्का से मुलाकात के दौरान कई मुद्दों पर करीब 15 मिनट तक चर्चा की. प्रधानमंत्री ने सवाल-जवाब भी किए.
तनिष्का के सपने को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि आप सुप्रीम कोर्ट विजिट कर अपनी चेयर देख सकती हैं. तनिष्का भारत के बड़े टेक्नोलॉजी प्लेटफार्म में आयोजित कोडर का खिताब भी हासिल कर चुकी हैं और उन्हें मध्य प्रदेश से 101 यंग अचीवर्स में भी चुना गया है, जिस पर प्रधानमंत्री ने भी खुशी जाहिर की.