
ग्वालियर के दाल बाजार इलाके में दिनदहाड़े दुल्हन के अपहरण की जिस घटना ने पूरे शहर को हिला दिया था, अब उस मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. पुलिस जांच में सामने आया है कि यह कोई अपहरण नहीं, बल्कि लुटेरी दुल्हन गैंग की पहले से रची गई साजिश थी. नोटरी पर शादी, 2 लाख रुपये की डील और फिर बाजार में हाई वोल्टेज ड्रामा. पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर 90 हजार रुपये भी बरामद कर लिए हैं.
कोतवाली थाना इलाके के दाल बाजार में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक कार को घेरकर उसमें बैठी दुल्हन को जबरन बाहर निकाला गया.
सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि एक बाइक और एक्टिवा पर सवार युवक कार को ओवरटेक करते हैं, कार का शीशा तोड़ते हैं और दुल्हन को खींचकर फरार हो जाते हैं.

घटना के समय बाजार में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, लेकिन कोई भी बीच-बचाव के लिए आगे नहीं आया. शुरुआत में मामला अपहरण का लगा, लेकिन जब पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की गहन जांच की, तो सामने आया कि यह सब फर्जी शादी के जरिए ठगी का हिस्सा था.
दरअसल, शिवपुरी लिंक रोड निवासी महेंद्र पाराशर अपने मानसिक रूप से कमजोर बेटे की शादी कराना चाहते थे. इसी दौरान कुछ लोगों ने उन्हें दो लाख रुपये में शादी कराने का झांसा दिया.
शादी नोटरी के जरिए कराई गई और पूरी रकम वसूल ली गई. इसके बाद पहले से तय योजना के तहत दाल बाजार में दुल्हन को कार से उतारकर ले जाया गया.
एसपी धर्मवीर सिंह यादव का कहना है कि पुलिस ने कार नंबर और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तीन आरोपी को हिरासत में लिया है, जिसके पास से 90 हजार रुपये बरामद हुए हैं.
फरियादी की शिकायत पर कई नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. फिलहाल पुलिस लुटेरी दुल्हन और उसके नेटवर्क की तलाश में जुटी हुई है.