सरकारी जमीन पर क्रिकेट खेलना सरपंच के बेटे को इतना नागवारा गुजरा कि उसने अपने ट्रैक्टर से क्रिकेट मैदान को खेत में तब्दील कर दिया. सरपंच पुत्र की दबंगई का वीडियो भी वायरल हो रहा है. मध्य प्रदेश के गुना जिले का यह मामला है.
पूरा मामला मधुसूदनगढ़ थाना क्षेत्र की जांगरू ग्राम पंचायत से जुड़ा हुआ है. जांगरू ग्राम पंचायत की महिला सरपंच रुक्मणी बाई धाकड़ के बेटे अर्जुन ने नेतागिरी का भरपूर उपयोग करते हुए बच्चों को क्रिकेट से दूर कर दिया.
अर्जुन ने सरकारी जमीन कब्जाने की नीयत से बच्चों की क्रिकेट पर कल्टीवेटर फेर दिया और अच्छे खासे ग्राउंड को खेत में तब्दील कर दिया.
दरअसल, सरकारी स्कूल के बाहर शासकीय जमीन पर पिच बनाकर बच्चे क्रिकेट खेला करते थे, लेकिन सरपंच के बेटे की नीयत इस जमीन पर थी. आरोपी युवक अर्जुन ने जब ट्रैक्टर चलाकर क्रिकेट पिच को बर्बाद किया, उस वक्त कुछ बच्चों ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन अर्जुन ने उन्हें भी ट्रैक्टर से टक्कर मारने की कोशिश की.
क्रिकेट प्रेमियों ने बताया कि जिस जगह वे क्रिकेट खेलते हैं, वो जमीन सरकारी है. सरकारी जमीन को कब्जाने की नीयत से सरपंच के बेटे ने पिच पर ट्रैक्टर फेर दिया और खेत बना दिया. देखें VIDEO:-
वहीं, वीडियो वायरल होने के बाद सरपंच के बेटे अर्जुन धाकड़ ने U-Turn लेते हुए खुद ही एक वीडियो जारी कर दिया. वीडियो में सरपंच पुत्र के समर्थक क्रिकेट पिच को दोबारा बनाते दिखाई दे रहे हैं.
सरपंच पुत्र ने बताया कि वह क्रिकेट की पिच को नंबर-1 बनाना चाहता है, इसलिए ट्रैक्टर चलाकर खोदा था. अब दोबारा पिच तैयार की जा रही है. बाकायदा पानी का टैंकर, गिट्टी पत्थर डालकर पिच की लेवलिंग की जा रही है. देखें Video:-
सरपंच पुत्र के U-Turn के बाद पूरा गांव चुटकी ले रहा है. गांव के लोग सरपंच पुत्र की इस करतूत पर चटकारे भी ले रहे हैं. देखें Video:-
इस मामले में पंचायत सचिव नारायण लाल ने बताया कि जमीन शासकीय है जो स्कूल परिसर की है. इस स्थान पर क्रिकेट खेलने के लिए गांव के बच्चे आते हैं. हालांकि पंचायत सचिव से जब पूछा गया कि क्या मैदान के विकास के लिए पंचायत में कोई प्रस्ताव पारित किया गया था? तो उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं हुआ. केवल मौखिक तौर पर मैदान बना रहे थे, क्योंकि 26 जनवरी को हमें क्रिकेट टूर्नामेंट कराना है.
सरपंच के बेटे की करतूत पर पिता ने तेजसिंह धाकड़ ने सफाई देते हुए कहा, ''लड़के को बेवजह बदनाम किया जा रहा है. मेरा बेटा तो काली मिट्टी निकालकर मैदान बनाने के लिए पीली मिट्टी डलवाने वाला था जिससे ग्राउंड अच्छा बन जाता. ये जमीन सरकारी है और स्कूल परिसर के पास है इसलिए यहां क्रिकेट खेलने के लिए कई लोग आते हैं.''
वहीं, मधुसूदनगढ़ पुलिस ने चर्चा में बताया कि मामला सरकारी जमीन पर क्रिकेट खेलने से जुड़ा हुआ था. किसी भी पक्ष ने शिकायत नहीं की है इसलिए प्रकरण दर्ज नहीं किया गया