मध्य प्रदेश के इंदौर में कथित तौर पर निजी तस्वीरों और वीडियो के जरिए एक शराब कारोबारी से एक करोड़ रुपये की उगाही की साजिश का मामला सामने आया है. इस मामले में गिरफ्तार सात आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अब फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा. पुलिस को आशंका है कि गिरफ्तारी से पहले आरोपियों ने कई अहम वीडियो और डिजिटल सबूत डिलीट कर दिए हैं.
इंदौर के डीसीपी राजेश कुमार त्रिपाठी ने सोमवार को बताया कि सभी सात आरोपियों को पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. जांच में सामने आया है कि इस पूरे मामले की मुख्य साजिशकर्ता एक महिला है और सभी आरोपी आपस में लगातार संपर्क में थे.
ऐसे फंसाता था गिरोह
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने मिलकर शहर के एक शराब कारोबारी को फंसाने की योजना बनाई थी. कारोबारी की निजी तस्वीरें और वीडियो सार्वजनिक कर बदनाम करने की धमकी देकर उससे एक करोड़ रुपये वसूलने की कोशिश की गई.
डीसीपी ने बताया कि फिलहाल आरोपियों के मोबाइल से कोई आपत्तिजनक वीडियो बरामद नहीं हुआ है. ऐसे में शक है कि गिरफ्तारी से पहले डिजिटल सामग्री मिटा दी गई. इसी कारण अब मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी, ताकि तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा सकें.
पुलिस ने उन खबरों को भ्रामक बताया है, जिनमें दावा किया गया था कि इस गिरोह ने कुछ पुलिस अधिकारियों को भी अपने जाल में फंसाया था. अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल शराब कारोबारी के अलावा कोई अन्य शिकायतकर्ता सामने नहीं आया है.
कांस्टेबल निलंबित
जांच में यह भी पता चला है कि गिरफ्तार महिला और पुलिस कांस्टेबल विनोद शर्मा लंबे समय से संपर्क में थे. कारोबारी से उगाही की साजिश में कथित संलिप्तता के चलते कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है.
इस मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों में महिला का बेटा जयदीप दीक्षित, लखन चौधरी, श्वेता जैन, जितेंद्र पुरोहित और रेशु चौधरी शामिल हैं. पुलिस ने बताया कि श्वेता जैन वर्ष 2019 में सामने आए चर्चित ‘हनी ट्रैप’ मामले में भी आरोपी रह चुकी है. बताया जा रहा है कि जेल में ही उसकी मुलाकात मुख्य आरोपी महिला से हुई थी.
गौरतलब है कि 2019 के चर्चित हनी ट्रैप मामले में महिलाओं के जरिए बड़े कारोबारियों और वरिष्ठ अधिकारियों को फंसाकर उनसे उगाही करने के आरोप लगे थे, जिससे प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में भी हलचल मच गई थी.