देश दुनिया में बेशकीमती हीरों के लिए विख्यात मध्यप्रदेश के पन्ना में हीरा नीलामी के आखिरी दिन हीरों की बोली तो लगी, लेकिन उम्मीद से कम. इसकी एक बड़ी वजह रूस-यूक्रेन युद्ध भी बताई जा रही है. डायमंड ऑक्शन में करीब 4 करोड़ के हीरे बिकने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन हीरा नीलमी एक करोड़ का भी आंकड़ा नहीं छू सकी.
दिवाली के मौके पर भी उम्मीद के मुताबिक ऑक्शन न होने की वजह से डायमंड मार्केट से रौनक गायब रही. हीरा अधिकारी पन्ना रवि पटेल ने इसका कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंदी होना बताया. साथ ही रूस-यूक्रेन युद्ध भी इसकी एक बड़ी वजह है. पन्ना जिले के संयुक्त कलेक्ट्रेट में 3 दिन तक चली नीलामी में महज 948759 रुपये के 58.85 कैरेट के हीरे ही बिक सके हैं.
डायमंड ऑक्शन से पहले ऐसी उम्मीद जताई जा रही थी कि ऑक्शन करीब 4 करोड़ तक जाएगी. ऑक्शन में 204 उज्ज्वल, मटमैले और औद्योगिक किस्म के हीरे शामिल किए थे, जिनका वजन 336.65 कैरेट था. लेकिन 3 दिन तक चली नीलामी में पहले दिन 247526, दूसरे दिन 4937834 और आखिरी दिन महज 2063399 रुपए के हीरे ही बिक सके.
इस नीलामी में शामिल होने के लिए गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र से हीरा कारोबारी आए थे. इसमें स्थानीय कारोबारियों ने भी हिस्सा लिया था. सभी बड़े हीरे उच्चतम बोली ना मिल पाने की वजह से पेंडिंग में चले गए हैं.
अब इन डायमंड्स को तीन महीने बाद अगले ऑक्सन के लिए रखा जाएगा. स्थानीय हीरा कारोबारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में फिलहाल मंदी का दौर देखा जा रहा है. इसमें चाइना भी एक बड़ा कारण है. साथ ही रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के कारण भी मंदी छाई हुई है. इस वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में हीरे की कीमत नहीं मिल पा रही है.
मुंबई के डायमंड कारोबारी कमलेश जड़िया ने बताया कि हीरे की ओलिसिंग की वजह से हीरा व्यापार में मंदी का दौर देखा जा रहा है, लेकिन पन्ना में अच्छी किस्म का हीरा पाया जाता है, जिसे लेने हम लोग इस नीलामी में शामिल होते है.
(रिपोर्ट- डीके शर्मा)
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