मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर एक बार फिर माहौल गरमा गया है. भोज उत्सव समिति ने घोषणा की है कि 721 साल बाद शुक्रवार के दिन सामूहिक अखंड पूजा की जाएगी. समिति का कहना है कि यह दिन विशेष महत्व रखता है और इस अवसर पर महाआरती का आयोजन किया जाएगा. समिति के अनुसार, शुक्रवार को दोपहर 12 बजे सकल हिंदू समाज धान मंडी में एकत्रित होगा. इसके बाद जुलूस के रूप में लोग भोजशाला पहुंचेंगे और दोपहर एक बजे महाआरती का आयोजन किया जाएगा.
भोज उत्सव समिति के संरक्षक अशोक जैन ने कहा कि 721 साल बाद शुक्रवार का दिन आया है और यह हिंदू समाज के लिए स्वाभिमान का विषय है. उन्होंने कहा कि न्यायालय के फैसले के बाद अब पूजा अर्चना का अवसर मिला है और समाज इसमें शामिल होगा. स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने शांति समिति की बैठक आयोजित की. बैठक में कलेक्टर राजीव रंजन मीना और एसपी सचिन शर्मा मौजूद रहे. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का अक्षरशः पालन किया जाएगा.
प्रशासन ने बुलाई शांति समिति की बैठक
एसपी सचिन शर्मा ने कहा कि सभी नागरिकों, धर्मगुरुओं और आगंतुकों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है. उन्होंने कहा कि किसी भी नई परंपरा या बिना अनुमति धार्मिक गतिविधि की शुरुआत नहीं की जाएगी. सोशल मीडिया पर भ्रामक और भड़काऊ पोस्ट पर भी नजर रखी जा रही है. प्रशासन ने कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर गलत और भड़काऊ जानकारी फैला रहे हैं. ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और प्रशासन का सहयोग करें.
सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर जोर
पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है. किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है और सभी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. अशोक जैन ने कहा कि हर शुक्रवार को पहले संघर्ष की स्थिति रही है, लेकिन इस बार न्यायालय के निर्णय के बाद यह अवसर मिला है. उन्होंने कहा कि यह आयोजन समाज की आस्था और स्वाभिमान से जुड़ा है. प्रशासन ने सभी समुदायों से अपील की है कि वो शांति, भाईचारा और सौहार्द बनाए रखें. किसी भी तरह की विधि विरुद्ध गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी.