मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र में एक ही घर के अंदर पति, पत्नी और उनकी दो साल की मासूम बच्ची के शव फंदे से लटके मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. इस हृदयविदारक दृश्य ने न सिर्फ पड़ोसियों बल्कि पुलिस अधिकारियों को भी स्तब्ध कर दिया.
मृतकों की पहचान 30 साल के मनीष केवट, उनकी 24 साल की गर्भवती पत्नी यशोदा उर्फ माही केवट और दो साल की बेटी आरोही के रूप में हुई है. मनीष मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था. पुलिस के अनुसार, तीनों के शव घर के अंदर अलग-अलग स्थानों पर फंदे से लटके मिले, जिससे मामला और भी रहस्यमय हो गया है.
कोई सुसाइड नोट नहीं मिला
घटना की सूचना मिलते ही तेंदूखेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे घर को सील कर साक्ष्य सुरक्षित किए गए. थाना प्रभारी मनीष बागरी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर मौजूद रहे. मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेब (एफएसएल) की टीम और डॉग स्क्वायड को भी मौके पर बुलाया गया, ताकि हर एंगल से जांच की जा सके.
पुलिस को घटनास्थल से अब तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. यही कारण है कि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह सामूहिक आत्महत्या का मामला है या इसके पीछे कोई और गहरी साजिश छिपी हुई है. पुलिस परिजनों, रिश्तेदारों और आसपास के लोगों से लगातार पूछताछ कर रही है, ताकि परिवार की मानसिक स्थिति, आर्थिक हालात और हालिया घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा सके.
एसपी श्रुतकृति सोमवंशी मौके पर पहुंची
घटना की गंभीरता को देखते हुए दमोह की एसपी श्रुतकृति सोमवंशी भी खुद घटनास्थल पर पहुंचीं. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी पहलू को नजरअंदाज न किया जाए और सभी साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जाए. डॉग स्क्वॉड और तकनीकी टीम की मदद से आसपास के क्षेत्र की भी जांच की जा रही है. फिलहाल पुलिस यह मानकर चल रही है कि जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी.