मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रशासनिक कसावट लाने और जनहित के कार्यों को गति देने के लिए जिला कलेक्टरों के साथ अहम बैठक की. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा आम नागरिकों को सुगम व्यवस्था देना है और इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
CM यादव ने कार्यालयीन समय के पालन पर कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि हाल ही में मंत्रालय में किए गए औचक निरीक्षण के बाद अब जिला स्तर पर भी ऐसी कार्रवाई होगी. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सुधार नहीं हुआ, तो प्रदेश में 6 कार्य दिवसीय सप्ताह की व्यवस्था दोबारा लागू कर दी जाएगी.
'संकल्प से समाधान' और परफार्मेंस
अभियान के अंतिम चरण की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 40 लाख आवेदनों का निराकरण हो चुका है. उन्होंने कहा, "जो कलेक्टर परिणाम देंगे, वही मैदान में रहेंगे."
उन्होंने 16 मार्च तक जिला स्तरीय शिविरों के माध्यम से शेष समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए गए हैं.
16 मार्च से शुरू होगी गेहूं खरीदी
मुख्यमंत्री ने गेहूं उपार्जन की तिथियां स्पष्ट करते हुए बताया कि इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 16 मार्च से 5 मई तक खरीदी होगी. जबकि जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, शहडोल, चंबल व सागर संभाग में 23 मार्च से 12 मई तक खरीदी की जाएगी. किसान 7 मार्च तक अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को बारदाने की उपलब्धता और किसानों को समय पर भुगतान करने के निर्देश दिए.
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खाड़ी देशों के संकट पर सतर्कता
मिडिल ईस्ट में तनाव को देखते हुए CM यादव ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि वे अपने जिले के उन परिवारों के संपर्क में रहें जिनके सदस्य खाड़ी देशों में हैं. सहायता के लिए दिल्ली के मध्य प्रदेश भवन और मंत्रालय में स्थापित कंट्रोल रूम का विवरण शेयर करने को कहा गया है.
अन्य जरूरी निर्देश
सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक खबरों का जिला स्तर पर तत्काल खंडन किया जाए.
बोर्ड और कॉलेज परीक्षाओं के दौरान छात्रावासों और केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण करें.
साल 2026 को 'किसान कल्याण वर्ष' के रूप में मनाते हुए स्थानीय मेलों में कृषि नवाचारों की प्रदर्शनी लगाएं.