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शराब-सिगरेट नहीं, अब 'ब्लड' का नशा: यहां युवाओं को लगी 'खून' लेने की लत, अस्पताल पहुंचे 5 चौंकाने वाले मामले

Blood Component Addiction: भोपाल के हमीदिया अस्पताल से सामने आया यह मामला चिकित्सा जगत और समाज के लिए एक खतरे की घंटी है. ड्रग्स और शराब के बाद अब युवा 'ब्लड कंपोनेंट्स' को नशे या ताकत बढ़ाने के विकल्प के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं, जो न केवल जानलेवा है बल्कि एक गंभीर मानसिक विकार का भी संकेत है.

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ताकत के लिए युवा खुद को चढ़ा रहे ब्लड कंपोनेंट्स.(Photo: Representational)
ताकत के लिए युवा खुद को चढ़ा रहे ब्लड कंपोनेंट्स.(Photo: Representational)

MP News: राजधानी भोपाल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हमीदिया के मनोरोग विभाग में एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसने डॉक्टरों को भी सोच में डाल दिया है. यहां हमीदिया अस्पताल में पिछले एक साल में अब तक ऐसे 5 युवा इलाज के लिए पहुंचे हैं, जिन्हें ब्लड कंपोनेंट्स लेने की आदत पड़ गई है. अब तक आपने शराब, सिगरेट और ड्रग्स जैसे नशों के बारे में सुना होगा. लेकिन यह मामला एक नए और खतरनाक ट्रेंड की ओर इशारा करता है. जहां कुछ युवा खून के तत्वों को ही ताकत बढ़ाने का जरिया मान रहे हैं. 

डॉक्टरों के अनुसार, इन सभी युवाओं की उम्र 18 से 25 साल के बीच है और इन मामलों में एक समान पैटर्न देखने को मिला है. जैसे ही परिवार को इसकी जानकारी मिली.

उन्होंने युवाओं की गतिविधियों पर रोक लगा दी. कई दिनों तक समझाने की कोशिश की गई, लेकिन इसके बाद युवक चिड़चिड़े और आक्रामक हो गए. हालत बिगड़ने पर परिवार उन्हें मनोरोग विशेषज्ञों के पास काउंसलिंग के लिए लेकर पहुंचे. 

डॉक्टरों की प्रारंभिक जांच में तीन मुख्य वजहें सामने आई हैं जिज्ञासा, गलत जानकारी और अवैध माध्यमों की उपलब्धता. बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर चल रहे कुछ वीडियो इस प्रवृत्ति को बढ़ा रहे हैं, जहां यह दावा किया जाता है कि प्लाज्मा या अन्य ब्लड कंपोनेंट्स लेने से ताकत बढ़ती है. तनाव कम होता है और शरीर में ऊर्जा आती है.

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हालांकि, विशेषज्ञ इन दावों को पूरी तरह गलत बताते हैं. डॉक्टरों का कहना है कि बिना किसी चिकित्सकीय जरूरत के ब्लड कंपोनेंट्स लेना बेहद जोखिम भरा हो सकता है. इससे इंफेक्शन, एलर्जी, सूजन और गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है यानी जिस फायदे की उम्मीद में यह कदम उठाया जा रहा है. वह सिर्फ एक भ्रम है, जबकि नुकसान बेहद गंभीर हो सकते हैं. 

विशेषज्ञों की चेतावनी
हमीदिया अस्पताल के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. जय प्रकाश अग्रवाल के अनुसार, युवा जिसे ताकत समझ रहे हैं, वह सिर्फ एक 'हाइपोथेटिकल' यानी काल्पनिक सुख है.

इसके वास्तविक परिणाम बेहद खतरनाक हैं. इससे से गैंग्रीन का खतरा यानी गलत तरीके से इन्फ्यूजन लेने से अंग सड़ सकते हैं. देखें VIDEO:-

इसके अलावा, डॉक्टर ने चेताया कि HIV और हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा होता है. वहीं, बिना डॉक्टरी सलाह के ब्लड कंपोनेंट लेना तत्काल 'एनाफिलेक्टिक शॉक' दे सकता है. यही नहीं, शरीर के अंदरूनी हिस्सों में गंभीर सूजन और अंग भी फेल हो सकते हैं.

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