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बारिश न होने पर भोलेनाथ को किया जलमग्न, नदी से मंदिर तक कतार बनाकर लाते गए पानी

MP News: बारिश की आस में लोगों ने नदी के जल को गागरों में भरा और कतारबद्ध होकर एक-दूसरे को गागर पास किए. देखते ही देखते मंदिर का गर्भग्रह जलमग्न कर दिया. शिवलिंग को पानी में डुबो दिया. साथ ही साथ भगवान से बारिश होने की मंगल कामना भी की. 

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नदी से मंदिर तक कतार बनाकर गर्भग्रह किया जलमग्न.
नदी से मंदिर तक कतार बनाकर गर्भग्रह किया जलमग्न.

इंद्रदेव लगता है कि इस समय प्रसन्न नहीं है. शायद यही वजह है कि मध्य प्रदेश के मालवा इलाके में बारिश हुए एक महीना से अधिक हो गया है. ऐसे में सोयाबीन की फसल के साथ-साथ अन्य सभी फसलें खराब हो रही हैं. इसी के चलते गुरुवार को आगर मालवा जिले के गाता नेवरी गांव के ग्रामीणों ने भोलेनाथ के मंदिर को जलमग्न कर दिया.  

दरअसल, भोलेनाथ के मंदिर के पास से ही एक नदी बहती है. उस नदी के पास से मंदिर तक कतारबद्ध होकर ग्रामीणों ने जल को गागरों में भरा और एक दूसरे को पास करते हुए मंदिर के गर्भग्रह को जलमग्न कर दिया. शिवलिंग को पानी में डुबो दिया. साथ ही साथ भगवान से बारिश होने की मंगल कामना भी की. 

इससे पहले, लोगों ने नदी किनारे पर पूरे गांव से एकत्रित करके लाई गईं गागरों को शुद्ध किया. इसके बाद दर्जनों ग्रामीण कतारबद्ध हुए और सारे गागरों को समीपस्थ बह रही नदी से भर-भरकर शिव भगवान को जलमग्न कर दिया गया.

बता दें कि जब बारिश नहीं होती तब मालवा क्षेत्र में इस तरह के टोने-टोटके किए जाते हैं. ऐसी स्थिति में ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी परिपाटी और टोटके वर्षों से चले आ रहे हैं, जहां शिव मंदिरों को जलमग्न कर दिया जाता है और भगवान के प्रति इस आस्था के चलते पानी बरसने की पूरी संभावनाएं भी रहती हैं.  

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नदी में से पानी भरते ग्रामीण.
कतार बनाकर एक दूसरे को पानी से भरी गागर पास करते लोग.

 

जलमग्न किया भगवान भोलेनाथ का गर्भग्रह.

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