लखनऊ में आयोजित 'साहित्य आजतक 2026' का दूसरा दिन भी सितारों से सजा रहा. कार्यक्रम के दूसरे दिन एक्ट्रेस मृणाल ठाकुर और सिद्धांत चतुर्वेदी ने अपनी मौजूदी से समां बांधा. दोनों स्टार्स ने अपनी अपकमिंग रोमांटिक-ड्रामा फिल्म 'दो दीवाने सहर में' को लेकर बातचीत की.
संजय लीला भंसाली संग काम करने का कैसा रहा एक्सपीरियंस?
इस दौरान सिद्धांत और मृणाल से पूछा गया कि जब उन्हें संजय लीला भंसाली के प्रोडक्शन से फिल्म के लिए कॉल आया तो उन्हें कैसा लगा था? इसपर सिद्धांत ने कहा- ये फिल्म संजय लीला भंसाली प्रोडक्शन से है. ये मेरे लिए बहुत बड़ी बात है. उनसे मिलना ही मेरे लिए बहुत बड़ी बात थी. उनका जब कॉल आया तो उन्होंने कहा- एक स्क्रिप्ट है, मुझे लगता है कि तुम्हें ये सूट करेगी. तो मैंने कहा जो भी काम है, जैसा भी काम है मैं बिना स्क्रिप्ट सुने जरूर करूंगा.
'उनके बहुत इनपुट्स थे. फिल्म के दोनों ही किरदार उनके दिल के काफी करीब हैं. उनका इस फिल्म से खास लगाव है. वो चाहते थे कि ये फिल्म बने. एक्शन्स फिल्म के बीच एक प्यारी रोमांटिक फिल्म बने. मैंने कहा सर आपने बुलाया है तो बिल्कुल करते हैं. उनके साथ बैठना ही अपने बहुत बड़ी बात थी. जहां से मैंने शुरुआत की थी, वहां हर लड़के का सपना होता है भंसाली प्रोडक्शन के साथ काम करना.'
30 सेकंड में फिल्म के लिए राजी हुईं मृणाल
वहीं, संजय लीला भंसाली संग काम करने पर मृणाल बोलीं- मैं पहली बार भंसाली सर से 'सीता रामम' की रिलीज के बाद मिली थी. उन्होंने मेरी इतनी प्रशंसा की थी. संजय लीला भंसाली के साथ बैठकर घबराहट तो हो रही थी. उन्होंने मुझे कहा था कि मराठी मुलगी इतना काम कर रही है. तो मुझे सुकून मिला. उन्होंने मुझे आशीर्वाद भी दिया था. मैंने कहा था कि भगवान करे कि मुझे आपके साथ काम करने का मौका मिलेगा. लेकिन ये एक-डेढ़ साल में ही हो जाएगा ये मुझे नहीं पता था.
'जब मेरे पास फोन आया कि एक ऐसी फिल्म है, जो लोगों के रूह को छू लेगी तो 30 सेकंड्स के अंदर मैंने कहा हां कह दिया था, बिना कुछ सोचे समझे, क्योंकि मुझे था कि हमारे जो प्रोड्यूसर्स, डायरेक्टर्स और सिद्धांत हैं तो उनके साथ फिल्म को तो अच्छा होना ही है.'
क्यों फिल्म के टाइटल शहर की जगह रखा गया सहर?
इसपर सिद्धांत ने कहा- दो दीवाने जब मिलते हैं तो जिंदगी कैसे चमक उठती है. इसलिए सहर का वो भी मतलब है. फिल्म में सिद्धांत का किरदार श नहीं बोल बाता इसलिए टाइटल में शहर को सहर कर दिया गया है.
वहीं, मृणाल बोलीं- फिल्म के टाइटल का आइडिया संजय सर का था. जब उन्होंने फुटेज देखी तो उन्होंने कहा दो दीवाने मुंबई जैसे शहर में...और फिर उन्हें याद किया कि सिद्धांत तो श बोल नहीं पाते तो उन्होंने शहर को सहर में कर दिया.
CA से कैसे एक्टर बने सिद्धांत?
फिल्मी करियर पर सिद्धांत बोले- जहां से मैं आता हूं वहां सपने देखना बहुत बड़ी बात है. अगर आसपास के लोगों को सपने बता दो वो जज करने लगते हैं कि इतने बड़े सपने. मेरा हमेशा से शौक था. मैं बर्थडे पार्टियों में, शादियों में नाचता था. लेकिन इतनी हिम्मत नहीं थी कि एक्टिंग में घुस जाएं. लेकिन पापा ने बोला पहले पढ़ाई कर लो, फिर जो करना है करना. मैं B.Com करना चाहता था, लेकिन पापा ने कहा B.Com और CA करो. मैंने पढ़ाई करने के बाद पापा से कहा कि अब मैं एक्टिंग करूंगा. 4-5 साल मैंने ऑडिशन दिए. फिर 'गली बॉय' फिल्म से काम मिलना शुरू हुआ.
डॉक्टर बनना चाहती थीं मृणाल
वहीं, मृणाल ने बताया कि पहले उनका डॉक्टर बनने का सपना था. एक्ट्रेस बोलीं- कॉलेज में एडमिशन हो गया था. पापा को था कहा कि मैं डिग्री ले लूंगी, लेकिन अगर 4-5 साल बाद मुझे ये प्रोफेशन ना करना हो तो आपको कोई दिक्कत तो नहीं होगी. उन्होंने कहा था जो करना हो वो करिए. फिर मेरा टेलीविजन का सफर शुरू हो गया. घरवालों को पहले इस इंडस्ट्री से डर लगता था. लेकिन मेरे पहले शो के बाद उनका डर खत्म हो गया.
तीन अलग इंडस्ट्री में काम करने पर मृणाल बोलीं- मेरा यही सपना था, जो लड़की सपने लेकर आती है उन्हें कोई ये ना बोले कि आप ये नहीं कर सकतीं. मैं यही कहूंगी कि आप सब कर सकते हो. मैं पहले तेलुगू-तमिल नहीं जानती थी. फिर भी मैंने वहां काम किया, क्योंकि इमोशन्स की कोई भाषा नहीं होती. ऑडियंस तक बस मैसेज पहुंचना चाहिए.
मृणाल ने ये भी बताया कि फैमिली पहले उनके हीरोइन बनने के फैसले से खुश नहीं थी, मगर जब 'सुपर 30' फिल्म आई तो उनकी मां काफी खुश हो गई थीं.
कब रिलीज होगी फिल्म?
बता दें कि मृणाल ठाकुर और सिद्धांत चतुर्वेदी की फिल्म 'दो दीवाने सहर में '20 फरवरी 2026 को थिएटर्स में रिलीज हो रही है. दोनों की स्टार्स फिल्म का जमकर प्रमोशन कर रहे हैं. संजय लीला भंसाली, प्रेरणा सिंह, उमेश कुमार बंसल और भारत कुमार रंगा ने इसे प्रोड्यूस किया है.