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एक लड़की जिसने अपनी मां की जवानी खंगाली...

मुंबई, जनवरी 2013. सी ब्रीज अपार्टमेंट का मकान नंबर 7बी. नंदिता धारकर इस घर को पहली मर्तबा निहार रही है. ये घर उसे एक तोंदू प्रॉपर्टी ब्रोकर पवन भंडारी ने दिखाया है. नंदिता मकान देख रही है और उसके दिमाग में वे सारे बदलाव चल रहे हैं, जिनकी इस घर के इंटीरियर को जरूरत होगी.

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किताबः सीक्रेट्स एंड सेकंड चांसेस (इंग्लिश नॉवेल)
राइटरः अनीता शिरोडकर
कीमतः 295 रुपये
एडिशनः पहला, पेपरबैक इशू
पब्लिशरः रूपा पब्लिकेशन

मुंबई, जनवरी 2013. सी ब्रीज अपार्टमेंट का मकान नंबर 7बी. नंदिता धारकर इस घर को पहली मर्तबा निहार रही है. ये घर उसे एक तोंदू प्रॉपर्टी ब्रोकर पवन भंडारी ने दिखाया है. नंदिता मकान देख रही है और उसके दिमाग में वे सारे बदलाव चल रहे हैं, जिनकी इस घर के इंटीरियर को जरूरत होगी.

उधर भंडारी इस खूबसूरत अकेली युवा लड़की को घूरते हुए कुछ-कुछ सोच रहा है. ये क्यों आई है इस बेरहम शहर में. क्या कुछ काम करेगी. क्या रात में आदमी लोग आएंगे इसके मकान में. इसका परिवार कहां है. कोई भी है या नहीं. भंडारी इनमें से कुछेक सवाल घुमा फिराकर पूछने की कोशिश भी करता है. मगर नंदिता के चेहरे की सख्त चुप्पी और तीखी निगाहों के बाद उसके पास के सवाल चुक जाते हैं. बहरहाल, नंदिता को घर पसंद आया है और इसलिए उनके बीच डील हो जाती है. अब नंदिता इस मकान की नई किरायेदार है. नंदिता धारकर. दिल्ली की एक सफल आर्किटेक्ट. जो अब मायानगरी में अपना नाम और पहचान बनाने आई है.

मगर क्या नंदिता सिर्फ नए शहर में नई पहचान या कहें कि एक और शहर को जीतने भर आई है. नहीं, उसके पास अतीत की कुछ गुत्थियां भी हैं. जिनके कुछ सिरे इस शहर से जुड़ते हैं. ये युवा आर्किटेक्ट अपने भीतर के इंटीरियर को भी संवारना चाहती है.

अनीता शिरोडकर के पहले उपन्यास ‘सीक्रेट्स एंड सेकंड चांसेस’ में हम 29 साल की नंदिता की जिंदगी के अतीत से एक एक कर दो चार होते हैं. इस क्रम में उसके वर्तमान के किरदार भी अहम रोल निभाते हैं. खास बात यह है कि नंदिता का अतीत उसका अपना कम और उसके अपनों का ज्यादा है.

बचपन में एक रोज नंदिता के हाथ अपनी मां अमृता धारकर का जूलरी बॉक्स लगा. उसमें एक खत रखा था. बला की खूबसूरत और पेशे से बुटीक कैटरिंग (किटी पार्टी और दूसरे हाई सोसाइटी इवेंट्स में विदेशी पकवानों को परोसने का कारोबार) का बिजनेस करने वाली अमृता का उठना बैठना समाज के संभ्रांत रईस तबके के बीच था. मगर ये सब एक खूबसूरत नकाब जैसा था. और खत उस नकाब के परे की दुनिया की एक चाबी. जाहिर है कि अमृता को नहीं पता था कि उसकी बेटी ने खत पढ़ लिया है. बरस बीतते गए और फिर जब नंदिता ने मुंबई आकर बसने की सोची, तो खत वाली, बीती दुनिया के कुछ सवाल नए सिरे से उसके सामने आने लगे. कुछ खौफनाक यादें नए सिरे से सजने लगीं.

ऐसा क्या था जो मां-बेटी की दुनिया को हिला सकता था. आखिर क्यों उसकी मां अमृता बुटीक कैटरिंग का छद्म आवरण ओढ़ जीने को अभिशप्त थी. और इन सबके बीच उस शख्स मानव धारकर का क्या, जो उसका बाप था. मगर जिसके बारे में नंदिता को बहुत कम जानकारी थी.

एक तरफ ये सब, तो दूसरी तरफ ज्यादा यकीनी दुनिया. सबरवाल असोसिएट्स नाम की फर्म में नंदिता की नई नौकरी. यहां काम करने के दौरान उसकी मुलाकात होती है होटल कारोबारी आर्यन से. नंदिता को एकबारगी लगता है कि उसे आर्यन से मुहब्बत हो गई है. मगर तभी उसका बेपरवाह, अल्हड़ और खूबसूरत बेस्ट फ्रेंड आदित्य अरोड़ा एक दिन दरवाजे पर दस्तक देता है. और ये आवाज नंदिता को प्यार के कन्फ्यूजन मोड में धकेल देती है. पर्सनल फ्रंट पर यह चल रहा है और प्रोफेशनल फ्रंट पर ऑफिस की अपनी पॉलिटिक्स और दिक्कतें हैं.

ये कुल जमा खाका है नंदिता की जिंदगी का. जिसे 'सीक्रेट्स एंड सेकंड चांसेस' के नाम से पेश किया गया है. इस कहानी में खट्टे मीठे पल हैं. और इनके बीच दो औरतें हैं, जिन्होंने कुछ फैसले लिए अपनों को बचाने के लिए. और अब उनके नतीजे सामने आ रहे हैं.

राइटर अनीता शिरोडकर का ये नॉवेल पहले पन्ने से ही आपको अपनी गिरफ्त में ले लेता है. भाषा का आडंबर या बेवजह का घुमाव नहीं. सीधी कहानी, जो एक एक कर अपने रेशे और रंग दिखाती है. और इस क्रम में आपकी उत्सुकता हर अगले पन्ने की तलाश का रास्ता खोलती है.

अनीता ने पहले चार चैप्टर्स में अपने बेसिक प्लॉट को उजागर किया है. अपनी कहानी के अहम किरदारों और उनके रंग ढंग से पाठकों का परिचय करवाया है. और इसी क्रम में नंदिता के हिस्से की कुछ उजास और कुछ अंधेरों से भी पर्दा हटाया है.

किताब पढ़ेंगे तो आपको कई सवालों के जवाब मिलेंगे. क्या नंदिता का सबरवाल असोसिएट्स में काम करना महज एक इत्तफाक था. या इसका उसके अतीत से भी कोई नाता है. क्या नंदिता और आदित्य अपनी दोस्ती और प्यार के टू वे ट्रैक पर चलकर कहीं पहुंच पाएंगे. और जब कई चौंकाने वाले राज खुलेंगे तो क्या नंदिता उनके सामने बिखर जाएगी या और भी हौसलामंद होकर सामने आएगी. क्या वह औरों को माफ कर पाएगी या फिर अतीत की लाश का बोझ ढोती जाएगी.

'सीक्रेट्स एंड सेकंड चांसेस' एक मस्ट रीड है, उन सबके लिए जिन्हें दिलचस्प और राजदार कहानियां पढ़ने का शौक है. जिन्हें एक अकेली लड़की की जिंदगी के कुछ रास्तों पर साथ चलने का मन है. ये किताब आखिर तक अपने रहस्य को बनाए रखती है. और इसी में इसकी कामयाबी है.

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