अगर आप ये सोचकर निश्चिंत हैं कि भले ही आपके पति सिगरेट पीते हों पर आपके बच्चे को ये बुरी लत नहीं है और वो महफूज है तो आप गलत हैं. आपके पति की इस बुरी लत से आपका बच्चा भी एक बड़ी बीमारी का शिकार बन सकता है.
एक स्टडी के अनुसार, सिगरेट पीने वाले पैरेंट्स के बच्चे अपनी उम्र के दूसरों होते हैं. 10 साल का होते-होते उनमें इसके लक्षण दिखाई देने लगते हैं. इतना ही नहीं ऐसे बच्चों का बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) भी काफी अधिक होता है.
स्टडी में कहा गया है कि बच्चों के आस-पास धूम्रपान करना उतना ही खतरनाक है जितना किसी गर्भवती महिला के आस-पास करना. स्टडी की मुख्य लेखक एवं कनाडा के मॉण्ट्रियल विश्वविद्यालय की प्रिसिंपल लिंडा पागानी का कहना है, "बच्चों के बीच धूम्रपान करने वाले परिजनों के बच्चों की कमर 10 वर्ष का होते-होते इसी अवस्था के अन्य बच्चों की अपेक्षा चौड़ी हो जाती है."
पागानी ने कहा, "उनमें बीएमआई भी 0.48 से 0.81 अंक अधिक होता है. यह गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान के कारण पड़ने वाले प्रभाव जितना ही है." स्टडी के लिए 2,055 परिवारों और उनके बच्चों के बीच व्यवहार का तुलनात्मक अध्ययन किया गया था.
डरने की बात ये है कि इसके कारण होने वाले दूसरे किसी भी कारण की तुलना में ज्यादा गंभीर होता है और इसका असर लंबे वक्त तक रहता है. स्टडी के रिजल्ट को शोध पत्रिका 'निकोटीन एंड टोबैको रिसर्च' के ताजा अंक में प्रकाशित किया गया है.