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देर से मां-बाप बनने पर घटती है बच्चे की उम्र

अधिक उम्र में मां-बाप बनने वालों की संतानें लंबी आयु तक जीवित नहीं रहतीं क्योंकि उनकी उम्र का प्रभाव बच्चों के टेलोमेयर पर पड़ता है.

माता-पिता की उम्र से प्रभावित होती है बच्चे की आयु माता-पिता की उम्र से प्रभावित होती है बच्चे की आयु

आज के समय में ज्यादातर पति-पत्नी सोचते हैं कि मां-बाप बनने के बाद उनकी जिंदगी बहुत व्यस्त हो जाएगी और वे खुद पर और अपने करियर पर ध्यान नहीं दे पाएंगे.

पर अधिक उम्र में माता-पिता बनने वाले लोगों के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि उनकी इस सोच से उनकी आने वाली संतान की उम्र घट सकती है.

एक नए शोध के अनुसार, अधिक उम्र में मां-बाप बनने वालों की संतानें लंबी आयु तक जीवित नहीं रहतीं क्योंकि उनकी उम्र का प्रभाव उनके टेलोमेयर पर पड़ता है.

अमेरिका की नॉर्थ डकोटा यूनिवर्सिटी में जीव विज्ञान के सहायक प्रोफेसर ब्रिट हाइडिंगर के मुताबिक, टेलोमेयर डीएनए के अंतिम सिरे में पाया जाता है और यह कोशिकाओं की उम्र को दर्शाता है. यह कोशिका विभाजन के समय डीएनए की सुरक्षा करता है. टेलोमेयर का संबंध उम्र से होता है.

इस शोध के लिए 30 वर्ष तक कई प्रजातियों पर अध्ययन किया गया है. इसके साथ ही इस शोध से ये भी पता चलता है कि संतान की उम्र पर पिता की उम्र से ज्यादा मां की आयु का असर पड़ता है. यह शोध 'फंक्शनल इकोलॉजी' में प्रकाशित हुआ है.

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