5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस है. देश के प्रदूषित और खराब पर्यावरण वाली सूची देखेंगे तो आपको दर्जनों शहर मिल जाएंगे. लेकिन, आपको अगर चैन की सांस लेना है तो देश में 11 ऐसे शहर हैं जहां आप आराम से रह सकते हैं. इन शहरों में पेड़, पौधे, जंगल और जल स्रोत प्रचुर मात्रा में है, इसलिए यहां की हवा में जहर नहीं बहता.
किन्नौर, हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश में किन्नौर एक निम्न श्रेणी का पर्यटक स्थल है. किन्नौर की हवा में पार्टिकुलेट कण का स्तर औसतन, हमारे राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता वाले लक्ष्य से 10% कम है.
गंगटोक, सिक्किम
हिमालय और रहस्यवादी तिब्बती मठों के कारण ये शहर विख्यात है. चीन की सीमा से कुछ ही किलोमीटर दूर स्थित इस शहर में सरकार ने वायु और जल प्रदूषण के निम्न स्तर पर रखने के लिए भी विशेष प्रयास किए हैं.
कोल्लम, केरल
कोल्लम प्रमुख व्यापारिक शहर है, अष्टमुंडी झील के तट पर स्थित एक तटीय शहर है. कोल्लम को भारत में सबसे कम प्रदूषित शहरों में से एक है.
मदुरई, तमिलनाडु
मदुरई भारत के सबसे प्राचीन शहरों में से एक है. यहां प्रदूषण सरकार, स्थानीय संगठनों और स्थानीय लोगों के निरंतर प्रयास से ही कम हुआ है. हालांकि, वाहनों की संख्या बढ़ने से वायु प्रदूषण थोडा बढ़ गया है.
हासन, कर्नाटक
समुद्र तल से 934 मीटर ऊपर स्थित हासन अपने समृद्ध इतिहास, वास्तुशिल्प के कारण प्रसिद्ध है. हासन में 10 माइक्रोन के साथ पार्टिकुलेट मैटर को 44 g/m3 तक दर्ज किया गया था.
मल्लपुरम, केरल
मलप्पुरम का जिला प्राकृतिक सुंदरता से अटा पड़ा है. छोटे हरे भरे पहाड़ों और ताजे पानी के साथ, यह जगह अपने निवासियों और आगंतुकों के लिए एक बेहद स्वस्थ और प्रदूषण मुक्त वातावरण प्रदान करती है.
पथानामथिट्टा, केरल
केरल का पथानामथिट्टा अपने पर्याप्त जंगलों और जल स्रोतों के कारण स्वच्छ वायु मानकों को पूरा करता है. प्राकृतिक तौर पर भी बेहद खूबसूरत है.
माथेरान, महाराष्ट्र
महाराष्ट्र का खूबसूरत हिल-स्टेशन माथेरान दुनिया भर की उन गिनी-चुनी जगहों में से एक है जहां किसी भी किस्म के मोटर वाहन के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी है. इस तरह यह न सिर्फ एक प्रदूषणरहित बल्कि अपने आपमें विशेष और बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है.
पुडुचेरी, तमिलनाडु
यहां फ्रांसीसी, तमिल, अंग्रेजी, तेलगू और मलयालम सहित कुल 5 भाषाएं बोली जाती है. पुडुचेरी ने वायु और शोर प्रदूषण के मामले में बदलाव किया है.
तेजपुर, असम
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक असम का तेजपुर शहर भारत में कम प्रदूषित शहरों में एक है. तेजपुर में वार्षिक पार्टिकुलेट मैटर 10 का स्तर 11 g/m3 पाया गया था.
अगरतला, त्रिपुरा
अगरतला त्रिपुरा की राजधानी है. यह शहर कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषण करने वाले एजेंटों की अच्छी खासी उपस्थिति के कारण हरा-भरा है. यहां की प्रदूषण मुक्त हवा बड़े शहरों से पर्यटकों को आकर्षित करता है.