scorecardresearch
 

विश्व कैंसर दिवस: तंबाकू है कैंसर की खास वजह

आमतौर पर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी की वजह तंबाकू ही माना जाता है, लेकिन जिंदगी में कुछ अहतियात बरतने से भी कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि पोषक आहार, मोटापे पर नियंत्रण और पर्याप्त धूप से कैंसर के खतरों को कम किया जा सकता है.

आमतौर पर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी की वजह तंबाकू ही माना जाता है, लेकिन जिंदगी में कुछ एहतियात बरतने से भी कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि पोषक आहार, मोटापे पर नियंत्रण और पर्याप्त धूप से कैंसर के खतरों को कम किया जा सकता है.

दिल्ली के राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट के विनीत तलवार ने कहा कि महिलाओं में जहां कैंसर की वजह हार्मोन्स का बढ़ना हो सकता है, वहीं पुरुषों में तंबाकू का सेवन कैंसर प्रमुख कारक माना जाता है.

विनीत तलवार के मुताबिक धूम्रपान करना या तंबाकू चबाना और किसी भी तरह तंबाकू का सेवन पुरुषों में कैंसर के पनपने का प्रमुख कारक है. पुरुषों में 60-70 फीसदी कैंसर के मामले तंबाकू की वजह से ही होते हैं. 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक कैंसर से होने वाली 30 फीसदी मौत के मामले को तंबाकू सेवन, एल्कोहल, अनियमित आहार और मोटापे पर नियंत्रण के जरिए कम किए जा सकते हैं. महिलाओं में कैंसर की बीमारी समय से पूर्व मासिक धर्म शुरू होने, मोटापे और ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) के संक्रमण से हो सकती है.

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक 2005-2015 के बीच 8.4 करोड़ लोग कैंसर का शिकार होकर जान गंवा चुके हैं। पुरुषों में फेफड़े और मुंह के कैंसर के मामले ज्यादा देखे जाते हैं, जबकि महिलाओं में ग्रीवा और स्तन कैंसर के मामले ज्यादा पाए जाते हैं.

एक अनुमान के मुताबिक भारत में प्रतिवर्ष कैंसर के 11 लाख नए मामले सामने आते हैं, जो विश्व का 7.8 फीसदी है.

दिल्ली के सर गंगा राम हॉस्पिटल के पेड्रियाटिक हेमेटोलॉजी ऑनकोलॉजी एंड बोन मैरो ट्रांसप्लानेशन इंस्टीट्यूट फॉर चाइल्ड हेल्थ के निदेशक अनुपम सचदेवा ने कहा कि हमारी जीवनशैली जैसे हमारा आहार, धूम्रपान और एल्कोहल की लत, धूप की कमी, शारीरिक जड़ता, मोटापा और तनाव से भी कैंसर के पनपने का खतरा ज्यादा रहता है.

कोलकाता के ठाकुर पुकुर कैंसर हॉस्पिटल के डॉक्टर सोमनाथ सरकार ने भी कहा कि बचपन से ही स्वस्थ के प्रति अच्छी आदतें डालने की जरूरत है. जिससे कम से कम एक तिहाई कैंसर से बचा जा सकता है.

- इनपुट IANS

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें