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खसरे का वायरस करेगा कैंसर का इलाज?

वायरस को आमतौर पर बीमारियों का कारण माना जाता है, लेकिन क्या वायरस जानलेवा बीमारी से बचाव भी कर सकते हैं? एक शोध में कहा गया है कि है कैंसर के उपचार के लिए खसरे के वायरस का प्रयोग किया जा सकता है.

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Symbolic photo
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वायरस को आमतौर पर बीमारियों का कारण माना जाता है, लेकिन क्या वायरस जानलेवा बीमारी से बचाव भी कर सकते हैं? एक शोध में कहा गया है कि है कैंसर के उपचार के लिए खसरे के वायरस का प्रयोग किया जा सकता है.

एक मुख्य चिकित्सकीय प्रयोग में खसरे के वायरस के इंजीनियर्ड संस्करण की खुराक से एक 49 वर्षीया महिला का उपचार किया गया. शोध का परिणाम दर्शाता है कि वायरोथेरेपी कैंसर कोशिकाओं को संक्रमित और खत्म करने वाले एक वायरस के जरिए कैंसर को खत्म करती है. यह मायलोम कैंसर के उपचार में भी लाभदायक हो सकती है.

मायो क्लीनिक मॉलिक्यूलर मेडिसीन पर किताब लिखने वाले सटीफन रसेल ने बताया कि यह बहुत साधारण धारणा है. सामान्यतया वायरस शरीर में प्रवेश करते हैं और ऊतकों को खत्म करते हैं. मिनीसोट के मायो क्लीनिक के शोधकर्ताओं ने बताया कि दो रोगियों का इससे उपचार हुआ और दोनों की अच्छी प्रतिक्रिया आई, उनमें अस्थि-मज्जा कैंसर ओर मायलोमा प्रोटीन दोनों कम होते दिख रहे हैं.

शोध में बताया गया कि 49 वर्षीया स्टेसी इरहोल्ट्ज ने मायलोमा का पूरा उत्सर्जन कर लिया है और छह महीनों से बीमारी से मुक्त हैं. मल्टिपल मायलोमा अस्थि-मज्जा की प्लाज्मा कोशिकाओं में होने वाला कैंसर है. इससे कंकाली या नरम ऊतक ट्यूमर भी हो सकता है. 'मायो क्लीनिक प्रोसीडिंग्स' शोधपत्र में प्रकाशित अध्ययन में बताया गया है कि मल्टिपल मायालोमा कैंसर का उपचार बहुत मुश्किल से हो पाता है.

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