बचपन में विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा न मिलने से बड़े होकर दिल की बीमारियों का खतरा रहता है. एक अध्ययन में यह बात सामने आई है. शोध में पता चला है कि बचपन में विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा नहीं मिलने से 25 साल बाद वयस्क अवस्था में यही कमी सबक्लिनिकल एथेरोस्क्लेरोसिस के रूप में सामने आती है.
एथेरोस्क्लेरोसिस का सीधा संबंध दिल की बीमारी से है और यह हृदय की गतिविधियों को प्रभावित करती है. फिनलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ टुरकु के मारकुस जुओनाला ने कहा कि हमारे शोध के परिणाम के अनुसार बचपन में विटामिन डी की कमी और वयस्क अवस्था में के बीच संबंध पाया गया है.
शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में पहले तीन से 18 साल के आयुवर्ग के 2,148 प्रतिभागियों का अध्ययन किया और इन्हीं प्रतिभागियों का 30 से 45 की उम्र में फिर से अध्ययन किया गया. अध्ययन में पाया गया जिन प्रतिभागियों को बचपन में विटामिन डी की भरपूर मात्रा नहीं मिली थी, उन्हें वयस्क होने के बाद एथेरोस्क्लेरोसिस के लिए जिम्मेदार कैरोटिड इंटीमा-थिकनेस (आईएमटी) यानी दिल की बीमारी का खतरा ज्यादा था.