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Health Warnings In Legs: पैरों में दिखने वाले ये 4 लक्षण ना करें इग्नोर, दिल और किडनी की बीमारी का हो सकते हैं संकेत

Health Warnings in Legs: क्या आप जानते हैं कि हमारे पैर हमारी सेहत का आईना होते हैं? पैरों में दिखने वाले बदलाव किडनी, हार्ट और डायबिटीज जैसी बीमारियों के शुरुआती संकेत हो सकते हैं. अगर वक्त रहते इन संकेतों को पहचान लिया जाए तो बड़ी बीमारियों से खुद को बचाया जा सकता है.

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पैरों में दिखने वाले बदलाव हो सकते हैं किसी गंभीर बीमारी के संकेत (Photo- Pixabay)
पैरों में दिखने वाले बदलाव हो सकते हैं किसी गंभीर बीमारी के संकेत (Photo- Pixabay)

हमारे शरीर के अंग एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं इसलिए कई बार बीमारी के संकेत शरीर के किसी और हिस्से में भी नजर आ सकते हैं. पैरों में दिखने वाले कुछ बदलाव भी छिपी हुई बीमारियों की शुरुआती संकेत हो सकते हैं. अगर समय रहते इन संकेतों को समझ लिया जाए तो बड़ी परेशानी से बचा जा सकता है. 

'हिन्दुस्तान टाइम्स' से बातचीत में बेंगलुरु के एस्टर आरवी हॉस्पिटल में Vascular Surgeon डॉक्टर ए. अरुण कुमार ने पैरों में दिखने वाले कुछ संकेतों के बारे में बताया है जो किसी गंभीर बीमारी के लक्षण हो सकते हैं.

1. पैरों में सूजन
अगर आपके पैर, टखने या पिंडलियां (Calf) अचानक सूज गई हैं और फूली हुई लग रही हैं तो इसे हल्के में न लें. इसके पीछे शरीर के कई अंगों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. जब ब्लड फ्लो ठीक से नहीं हो पाता तो शरीर के टिश्यू में पानी जमा होने लगता है. जिसे ओडेमा (Oedema) कहा जाता है.

यह समस्या अक्सर हार्ट फेलियर का संकेत हो सकती है. जब हार्ट ठीक से खून पंप नहीं कर पाता तो ग्रेविटी के कारण पैरों में पानी जमा होने लगता है और सूजन आ जाती है. इसके अलावा पैरों में ब्लड क्लॉट, किडनी या लिवर से जुड़ी बीमारियों की वजह से भी हो सकती है.

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अगर पैरों की सूजन अचानक बढ़ने लगे या इसके साथ सांस फूलना, सीने में भारीपन जैसे लक्षण हों तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें. समय पर टेस्ट कराने से गंभीर और जानलेवा समस्याओं से बचा जा सकता है. 

2. पैरों का ठंडा रहना 
सर्दियों में पैरों में ठंडा लगना आम बात है. लेकिन अगर गर्म कपड़े पहनने और शरीर को अच्छी तरह ढकने के बाद भी पैर बहुत ज्यादा ठंडे रहते हैं तो यह चिंता की बात हो सकती है. यह पेरिफेरल आर्टरी डिजीज (PAD) का संकेत हो सकता है. इस बीमारी में पैरों की नसों में प्लाक जम जाता है, जिससे ब्लड फ्लो कम हो जाता है.

इसका असर यह होता है कि पैरों तक ऑक्सीजन ठीक से नहीं पहुंच पाती. PAD को इग्नोर करना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है. ठंड का मौसम इस समस्या को और बढ़ा देता है.  ठंड में नसें और सिकुड़ जाती हैं जिससे ब्लड और स्लो हो जाता है.


3. रात में पैरों में ऐंठन 
दिनभर की थकान के बाद जब आप रात में सोते होते हैं. तभी अचानक पिंडली में तेज दर्द के साथ ऐंठन शुरू हो जाती है. कुछ सेकंड या मिनट में यह ठीक भी हो जाती है लेकिन अगर यह बार-बार होने लगे तो इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए. बार-बार पैरों में ऐंठन होना शरीर में पानी की कमी, दवाओं के साइड इफेक्ट या इलेक्ट्रोलाइट्स के इंबैलेंस की वजह से हो सकता है.  इसके अलावा खराब ब्लड सर्कुलेशन और किडनी से जुड़ी समस्याएं भी इसका कारण बन सकती हैं. 

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पैरों में ऐंठन आम लग सकती है लेकिन अगर यह अक्सर हो रही है तो इसे डॉक्टर से दिखाना जरूरी है.  डॉक्टर नसों और नर्व्स से जुड़ी जांच कराने की सलाह देते हैं ताकि किसी गंभीर समस्या को समय रहते पकड़ा जा सके. 

4. पैरों में सुन्नपन या झनझनाहट
कभी-कभी ज्यादा देर एक ही पोजिशन में बैठने या लेटने से पैरों में सुन्नपन या झनझनाहट हो सकती है. लेकिन अगर यह समस्या बार-बार या लगातार बनी रहती है तो इसे हल्के में न लें. पैरों में सुई चुभने जैसा एहसास होना डायबिटिक न्यूरोपैथी का लक्षण हो सकता है. यह तब होता है जब लंबे समय तक ब्लड शुगर ज्यादा रहने से नसों को नुकसान पहुंचता है. डायबिटीज इस समस्या की सबसे आम वजह है.

इतना ही नहीं पैरों में लगातार सुन्नपन दिल की बीमारियों के खतरे की ओर भी इशारा कर सकता है. भले ही दर्द न हो. समय पर पहचान न होने पर चोट लगने, घाव बनने और अल्सर का खतरा बढ़ जाता है जो आगे चलकर पैर कटने की बड़ी वजह बन सकता है.

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