लंबे समय से यह बात चर्चा का विषय रही है कि यौन-संबंध बनाने की सही उम्र क्या होनी चाहिए. यह सवाल भी उठना स्वाभाविक है कि कम उम्र के स्कूली जोड़ों के बीच शारीरिक संबंध कायम होने के क्या नकारात्मक असर हो सकते हैं.
एक नए शोध से इस सवाल का जो जवाब सामने आया है, वह थोड़ा चौंकाने वाला तो है, पर यह थोड़ी राहत भी देता है.
जो माता-पिता इस बात की फिक्र करते हैं कि उनके बच्चों के यौन-संबंधों में लिप्त रहने से स्कूल में उनके प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है, उनके लिये अब एक अध्ययन में कहा गया है कि इससे कोई खास असर नहीं पड़ता.
अटलांटा स्थित अमेरिकन सोशोलॉजिकल एसोसिएशन की बैठक में इस अध्ययन के नतीजों में इस अनुमान को चुनौती दी गयी कि जिस्मानी रिश्ते बनाने वाले किशोरवय के बच्चे स्कूल में खराब प्रदर्शन करते हैं.
शोधकर्ताओं ने कहा कि गंभीर रिश्ते रखने वाले किशोर अपने साथी में सामाजिक और भावनात्मक समर्थन तलाश सकते हैं. इससे उनकी आतुरता और तनाव के स्तर में कमी आती है.