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14 साल की उम्र में पिता ने छोड़ा साथ, हिंदू परिवार ने यूं कराई शादी

गुजरात के वेरावल में एक हिंदू परिवार ने एक मुस्लिम लड़की का पालन-पोषण करने के साथ-साथ पूरे रिवाज के साथ उसकी शादी भी कराई है.

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प्रतीकात्मक फोटो
प्रतीकात्मक फोटो

गुजरात के एक हिंदू परिवार ने धर्म-जात से ऊपर उठकर लोगों के लिए मानवता की एक खूबसूरत मिसाल पेश की है. गुजरात के वेरावल में एक हिंदू परिवार ने एक मुस्लिम लड़की का पालन-पोषण करने के साथ-साथ पूरे रीति रिवाज के साथ उसकी शादी भी कराई है.

दरअसल, वेरावल में रहने वाले कमरुद्दीन शेख की पत्नी की अचानक मौत हो गई थी. कमरुद्दीन पेशे से ट्रक ड्राइवर थे. पत्नी की मौत के वक्त उनकी बेटी की उम्र केवल 5 वर्ष की थी. पत्नी की अचानक मौत से कमरुद्दीन को गहरा सदमा हुआ. उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि अकेले बेटी की परवरिश कैसे करें.

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उसी दौरान कमरुद्दीन शेख का दोस्त मेरामन जोरा एक फरिश्ते की तरह उनके जीवन में आया. मेरामन भी एक ट्रक ड्राइवर है. कमरुद्दीन की पत्नी की मौत के बाद मेरामन के परिवार ने ही शबनम का पालन-पोषण किया.

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शबनम जोरा के घर यानी एक हिंदू परिवार की देख-रेख में ही बड़ी हुई. लेकिन शबनम के साथ कभी भी हिंदू धर्म अपनाने के लिए किसी तरह की कोई जबरदस्ती नहीं की गई. बल्कि उसको अपनी मर्जी के मुताबिक, जीवन जीने की पूरी छूट दी गई.

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14 साल की उम्र में शबनम के पिता शहर छोड़कर चले गए और कभी लौटकर नहीं आए. अब पिता के जाने के 6 साल बाद जोरा के परिवार ने पूरे रीति-रिवाज के साथ शबनम की शादी करा दी गई है. बता दें, शबनम की शादी की शादी हिंदू और मुस्लिम दोनों रिवाजों से कराई गई है.

एक इंटरव्यू में जोरा ने बताया, हमने शबनम को उसका धर्म और भाषा चुनने का पूरा हक दिया है. शबनम ने कुरआन भी पढ़ा है और वह नमाज भी पढ़ती हैं. इसके साथ ही वह सभी हिंदू धर्म के त्योहार को पूरे उत्साह से मनाती हैं.

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