शादी हर इंसान की जिंदगी का वो खास मौका होता है, जिसमें परिवार, मां-बाप, भाई-बहन और दोस्तों होने चाहिए वरना शादी अधूरी सी लगती है. फैमिली और दोस्त हर रस्म-रिवाज को और भी खास बना देती है. ये पल अमूमन लड़कियों के लिए और भी अधिक खास होते हैं लेकिन हाल ही में एक महिला ने इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया है कि उन्होंने अपनी सगी मां को ही अपनी शादी में नहीं बुलाया था. जब इस लड़की ने वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया तो सोशल मीडिया पर शेयर किया तो एक नई बहस छिड़ गई.
हालांकि लोगों ने जब पहली बार यह सुना तो उन्हें लगा कि शायद कोई छोटी-मोटी अनबन रही होगी, लेकिन जब दुल्हन ने असली वजह बताई तो सोशल मीडिया 2 हिस्सों में बंट गया. आखिर ये पूरा मामला क्या है, इस बारे में जानते हैं.
सोशल मीडिया पर लड़की ने अपनी दुल्हन की फोटो के साथ लिखा कि 'मैंने अपनी मां को अपनी शादी में नहीं बुलाया...'. इस लड़की का नाम एरियाना ग्रिमाल्डी है जो अमेरिका के टेक्सास में रहती हैं और 2 बच्चों की मां हैं.
दरअसल, उनकी ये कहानी शादी की नहीं, बल्कि बचपन के उन्हें दिए गए जख्मों और मेंटल स्थिति की है जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं.
एरियाना ने इंस्टाग्राम वीडियो में अपनी कहानी सुनाते हुए लिखा, 'मैंने अपनी मां को अपनी शादी में नहीं बुलाया. यह मेरे लिए कोई आसान फैसला नहीं था बल्कि यह मेरी जिंदगी के सबसे मुश्किल फैसलों में से एक था.'
'यह फैसला इसलिए नहीं था कि मेरे मन में कोई कड़वाहट थी, न ही इसलिए कि मैं एहसान फरामोश हूं और न ही मैं उनसे कोई बदला लेना चाहती थी.'
'मैंने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि मेरा पूरा बचपन उस इंसान के हाथों मार खाते हुए बीता, जिसकी जिम्मेदारी मुझे सुरक्षित रखने की थी.'
'लोग काफी आसानी से कह देते हैं कि 'वो तुम्हारी मां है'. वे यह नहीं समझते कि उस घर में बड़े होने का मतलब है कि आप हर वक्त एक डर के साए में जीते हो. जहां आपको अपने ही घर में असुरक्षित महसूस कराया जाए, जहां आपको खुद की काबिलियत पर तब शक होने लगे, जब आपने ठीक से यह भी न जाना हो कि आप कौन हैं.'
'भावनात्मक दर्द, मानसिक पीड़ा, शारीरिक शोषण, मेनुपुलेशन, सन्नाटा, डर और शर्मिंदगी... इन चीजों को इसलिए नहीं भूला जा सकता क्योंकि आपका उस इंसान से खून का रिश्ता है.'
'मैंने बहुत कोशिश की, मैंने माफ किया. मैं सालों तक चुप रही लेकिन खुद को इस ट्रॉमा से बाहर निकालने के लिए एक बाउंड्री क्रिएट करनी जरूरी थी.'
आगे कहा, 'मेरी शादी का दिन प्यार, शांति और सेफ्टी के बारे में था न कि दिखावे या दूसरों को खुश करने के लिए. मेरी जिंदगी में यह पहली बार था जब मैंने बिना किसी गिल्ट के बिना खुद को चुना था.'
और अब, खुद एक मां होने के नाते मैं एक बात और भी स्पष्टता से समझती हूं कि बच्चों को प्यार मिलना चाहिए. वो सेफ्टी के हकदार हैं. वे ऐसे प्यार के हकदार हैं जो उन्हें दर्द न दे.'
'मैं यह सब किसी की सहानुभूति के लिए नहीं कह रही हूं बल्कि मैं ये उन लोगों के लिए लिख रही हूं जो अकेलेपन में पले-बढ़े हैं. उनके लिए जिन्हें चुप रहना सिखाया गया. उनके लिए जो आज भी यह सीख रहे हैं कि अपनी मेंटल हेल्थ की चिंता करना गलत नहीं है. खुद को ठीक करने के लिए अपनों से दूरी बनाना आपको बुरा इंसान नहीं बनाता.'
लड़की की ये पोस्ट धीरे-धीरे सोशल मीडिया पर वायरल हो हुई क्यों कि लोगों को लगा कि उसकी बातों ने उन हजारों लोगों को आवाज दी है जो मानसिक शोषण का शिकार होते हैं लेकिन सामाजिक दबाव में चुप रहते हैं.
कई यूजर्स ने ग्रिमाल्डी का समर्थन किया और उनकी हिम्मत और ईमानदारी की तारीफ की. कई लोगों ने अपने माता-पिता के साथ तनावपूर्ण रिश्तों के अनुभव साझा किए और उनके फैसले की तारीफ की और अलग-अलग तरह के कॉमेंट भी किए जो नीचे बताए गए हैं.

'तुम अकेली नहीं हो.. लेकिन तुमने यह कदम उठाने की जो हिम्मत दिखाई है, काश हर किसी में वैसी हिम्मत होती. ❤️'
'तुमने यह फैसला बहुत बड़े साहस के साथ लिया होगा 😥 🙌 हमेशा खुश रहो ❤️ 🤗'
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