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महिलाओं की यादाश्‍त बढ़ाती हैं गर्भनिरोधक गोलियां

लंबे समय तक गर्भनिरोधक गोली लेने वाली महिलाओं को बाद में यादाश्‍त की समस्‍या नहीं होती है.

गर्भनिरोधक गोलियां महिलाओं की यादाश्‍त को भी ठीक रखती है. हाल ही में हुए एक अध्‍ययन में पाया गया है कि लंबे समय तक गर्भनिरोधक गोली लेने वाली महिलाओं को बाद में यादाश्‍त की समस्‍या नहीं होती है.

अध्‍ययन में पाया गया कि ऐसी मध्‍य उम्र की महिलाएं जिन्‍होंने युवावस्‍था में गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन किया है, उनका मेमोरी टेस्‍ट अन्‍य महिलाओं की तुलना में ज्‍यादा अच्‍छा रहा जिन्‍होंने गर्भनिरोधक नहीं लिया है.

विशेषज्ञों का मानना है गर्भनिरोधक महिलाओं के दिमाग के कुछ खास हिस्‍सों की सक्रियता को बढ़ा देते हैं. गर्भनिरोधक गोलियों में पाया जाने वाला हारमोन ऑस्‍ट्रोजेन धमनियों को कठोर होने से बचाता है. इससे दिमाग में खून की सप्‍लाई अच्‍छी होती है. ऑस्‍ट्रोजेन हारमोन भूलने की बीमारी से बचाव करता है.

अमेरिका के वैज्ञानिकों ने 40 से 65 वर्ष की 261 महिलाओं के स्‍वास्‍थ्‍य पर एक सर्वे किया. इसमें उसके कई सारे टेस्‍ट लिया गया. इस टेस्‍ट में यादाश्‍त, नाम, कई वस्‍तुओं के नाम, शब्‍दों की सूची बनाने जैसी बातों को शामिल किया गया. इस टेस्‍ट के नतीजों में पाया गया कि जिन महिलाओं ने पहले गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन किया है उनके नतीजे अन्‍य महिलाओं की तुलना में अच्‍छे आए हैं. यही नहीं नतीजों से यह बात भी सामने आई कि जिन महिलाओं ने लंबे समय तक इसका सेवन किया है उनकी बुद्धि बहुत अच्‍छी है जिसका नतीजा टेस्‍ट में सामने आया.

विशेषज्ञों का मानना है कि गर्भनिरोधक गोलियों में पाया जाने वाली हारमोन आस्‍ट्रोजेन दिमाग को संतुलित बनाने में दो तरह से काम करता है. पहला वह धमनियों को ब्‍लॉक होने से बचाता है जिससे दिमाग में खूब की सप्‍लाई अच्‍छे से होती है. उनका यह भी मानना है यह दिमाग और रीढ़ की हड्डी के कुछ सेल को भी बढ़ाता है.

प्रमुख शोधकर्ता केली ऐगेन कहते हैं, 'हमारे शोध में यह पाया गया है कि जो महिला लंबे समय तक गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करती हैं उनकी यादाश्‍त अन्‍य महिलाओं की तुलना में अच्‍छी होती है.

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