बरबरी ब्रिटिश का एक जाना माना लग्जरी ब्रांड है. एक वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, इस ब्रांड ने पिछले कुछ सालों में अपने ही ब्रांड के लगभग 251 करोड़ के 'अनवांटेड' कपड़ों और कॉस्मेटिक को नष्ट किया है.
इसके अलावा पिछले 5 वर्षों में इस ब्रांड ने 807 करोड़ की कीमत से ज्यादा रुपये के ऐसे कपड़ों को जलाकर खाक किया है जो बिक नहीं पाए थे.
रिपोर्ट के मुताबिक, अपने ब्रांड के कपड़ों को किसी दूसरे ब्रांड द्वारा कॉपी के डर से इस ब्रांड ने अपने कीमती कपड़ों और कॉस्मेटिक के सामान को जलाया है.
इस ब्रांड ने इस पूरे मामले पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने अपनी मार्केट वैल्यू को बचाने के लिए ऐसा किया है.
बता दें, ये ब्रांड अपने आइकोनिक ट्रेंच कोट और चेक वाले स्कार्फ और बैग के लिए जाना जाता है. दुनियाभर में इस ब्रांड के कपड़ों के डिजाइन को सबसे ज्यादा कॉपी किया जाता है.
हाल ही में बरबरी की अकाउंट किताब में इस पूरे मामले का खुलासा हुआ है. साल 2017 में इस ब्रांड ने अमेरिका के साथ अपनी एक डील के बाद लगभग $10 मिलियन के परफ्यूम और कॉस्मेटिक को नष्ट किया था.
एक रिटेल इंडस्ट्री इनसाइडर ने अपने इंटरव्यू में बताया है कि, अपने प्रॉडक्ट को नष्ट करना बड़े ब्रांड के लिए आम बात होती है. इसके अलावा उन्होंने ये भी बताया कि ऐसा करने का उद्देश्य सिर्फ अपने सामान की नकल रोकना ही नहीं है बल्कि अपनी ब्रांड वैल्यू को भी सुरक्षित रखना है.
इसके अवाला उन्होंने कहा, बड़े ब्रांड अपने कपड़ों को कम कीमत में बेचने से
बचते हैं क्योंकि इससे उनके ब्रांड की वैल्यू कम हो जाती है.
बरबरी के प्रवक्ता ने कहा कि, बरबरी ब्रांड कपड़ों के स्टॉक को जरूरत के
हिसाब से ही बनाता है. हम अपने काम को पूरी जिम्मेदारी के साथ करते हैं.
जो कपड़े बिक नहीं पाते हैं हम उनको रिवैल्यू करने के नए तरीके खोज रहे हैं. ये हमारी 2022 की सबसे अहम स्ट्रेटेजी होगी.
अपने इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए बरबरी ने कई इनोवेटिव आर्गेनाइजेशन के साथ पार्टनरशिप भी की है.
लंदन में मौजूद बरबरी का हेडक्ववॉटर साल 2022 तक कार्बन न्यूट्रल बनने की कोशिश में लगा हुआ है.
साल 2008 में बरबरी ने भारत में अपना पहला स्टोर खोला था. (Photo: Burberry Instagram)