कई बार ऐसा होता है कि आप जिस समस्या को काफी आम समझ रहे होते हैं वो बाद में गंभीर बीमारी निकलती है. हाल ही में लौरा गिलमोर एंडरसन नाम की एक महिला के साथ ऐसा ही कुछ हुआ. पेट दर्द की शिकायत लेकर लॉरा अस्पताल पहु्ंची जहां डॉक्टर ने पेट दर्द को आम समस्या बताया और बाद में तीन साल बाद पता चला कि वह पैंक्रियाज कैंसर से पीड़ित थी. आपको बता दें कि कैंसर एक जानलेवा बीमारी है. शुरुआत में इसके लक्षणों का पता लगा पाना काफी मुश्किल होता है. ऐसे में आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला और कैसे महिला को इस खतरनाक बीमारी का पता चला.
ये है पूरा मामला
लॉरा गिलमोर एंडरसन को पता चला कि उन्हें न्यूरोएंडोक्राइन नाम की एक खतरनाक बीमारी है. 34 साल की लॉरा को अक्सर पेट में दर्द की समस्या रहती थी. इससे लॉरा और उनके पति पॉल के रिश्ते पर काफी बुरा असर पड़ रहा था. लॉरा और पॉल बेबी प्लानिंग के बारे में सोच रहे थे जिस कारण पेट दर्द की समस्या को लेकर लॉरा डॉक्टर के पास जाती थी, कि कहीं, इस समस्या के कारण उन्हें कंसीव करने में कोई दिक्कत ना हो. 'द मिरर' से बात करते हुए लॉरा ने बताया कि मैं पेट के निचले हिस्से में और बैक पेन की समस्या को लेकर अक्सर डॉक्टर के पास अपना सारा काम छोड़कर जाया करती थी. हमारी शादी 2018 में हुई थी तो हम बेबी प्लानिंग कर रहे थे.
मुझे हमेशा ही यह महसूस होता था कि मेरे पेट के निचले हिस्से में कुछ ना कुछ गड़बड़ तो जरूर है. मैंने डॉक्टर को भी अपनी पूरी समस्या बताई लेकिन उन्होंने मेरी बात पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया और ना ही अच्छे से जांच की. लॉरा ने बताया कि जब वह ऑस्पताल गई तो डॉक्टर ने कहा कि यह किसी प्रकार का वायरल इंफेक्शन है. इसके बाद डॉक्टर ने फिर कभी मेरी जांच नहीं की. इसके बाद जब पूरी दुनिया में कोरोना की वजह से लॉकडाउन लग गया तो लॉरा ने बताया कि उनकी यह समस्या और भी ज्यादा बढ़ गई और उन्हें अस्पताल के कई चक्कर लगाने पड़े. इस दौरान उनका अल्ट्रासाउंड किया गया जिसमें कुछ ऐसा पता चला जिसने सभी को चौंका दिया.
बता दें कि लॉरा, मूल रूप से आयरलैंड की रहने वाली थी, और अब एडिनबर्ग में रहती है. अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट में उन्हें पता चला कि उनकी स्प्लीन में सूजन थी. स्प्लीन शरीर की सबसे बड़ी वाहिनीहीन ग्रंथि (ductless gland) होती है, जो पेट के ऊपरी भाग में बाईं ओर आमाशय के पीछे स्थित रहती है. लॉरा ने बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें सलाह दी कि क्योंकि वह यंग, फिट और स्वस्थ हैं, इसलिए यह समस्या अपने आप हल हो जानी चाहिए. 34 वर्षीय लॉरा ने बताया कि यह काफी खतरनाक बीमारी थी जिसे गंभीरता से लेना काफी जरूरी था. उन्हें पहले ही किसी अच्छे अस्पताल में अपनी जांच करवा लेनी चाहिए थी. ताकि इस गंभीर बीमारी का पता पहले ही चल पाता.
आखिरकार, डॉक्टरों ने निष्कर्ष निकाला कि उसे एंडोमेट्रियोसिस हो सकता है और उसे फर्टिलिटी क्लिनिक में भेज दिया. लॉरा ने कहा मैंने हार नहीं मानी और मैं अस्पताल में जाती रहती थी. मैंने अल्ट्रासाउंड करवाया और रेडियोलॉजिस्ट से मुलाकात की, उन्होंने स्कैन पर एक परछाई जैसा चीज देखी और मुझे एमआरआई के लिए रखा. जिसके बाद डॉक्टरों ने बताया कि मेरे पैंक्रियाज में ट्यूमर है. डॉक्टर ने कहा कि आपका यह ट्यूमर काफी ज्यादा बढ़ गया है और अब आपके पास सिर्फ तीन महीने का ही समय बचा हैं ऐसे में आप घर पर अपनी फैमिली के साथ समय बिताएं. बीमारी का पता लगने के बाद लॉरा की कीमोथेरेपी शुरू की गई लेकिन इसमें भी कोई खास सफलता नहीं मिली. उसके बाद लॉरा ने मैक्सिको में "नॉन टॉक्सिक" मेडिकेशन के साथ इलाज शुरू किया, जिसकी कीमत 50,000 पाउंड से अधिक थी. इसके लिए लॉरा के दोस्तों और परिवारवालों ने मेडिकल बिल के लिए उनकी मदद की. लॉरा अब वापिस अपने घर आ चुकी है और उनका ट्रींटमेंट अभी भी जारी है.