भारत में करोड़ों लोग हाई ब्लड प्रेशर यानी हाईपरटेंशन की बीमारी से जूझ रहे हैं और ये आंकड़ा दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है. आज के समय में हर उम्र वर्ग के लोगों में ये समस्या देखी जा सकती है. खराब लाइफस्टाइल, अनहेल्दी डाइट और तनाव हाई ब्लड प्रेशर का कारण बन सकते हैं जिससे दिल की बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. वहीं, इसका एक प्रमुख कारण अत्यधिक नमक का सेवन करना भी है. नमक ब्लड प्रेशर पर बुरा असर डालता है.
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, एक दिन में पांच ग्राम से अधिक नमक के सेवन से हाई ब्लड प्रेशर होने का चांस बढ़ जाता है जिससे आगे चलकर दिल की बीमारियां भी हो सकती हैं. अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, सामान्यता हर प्रकार के खाने में 3.8 ग्राम होता है जो खाने के बाद रक्त वाहिकाओं के खुलने की क्षमता पर असर डालता है.
शोधकर्ताओं ने पाया कि भोजन में अधिक नमक के सेवन से धमनियों में सिकुड़न आती है और ब्लड फ्लो प्रभावित होता है. हैरानी की बात ये है कि ये स्थिति खाने के आधे घंटे के बाद ही बनने लगती है.
ज्यादा नमक से शरीर को होते हैं नुकसान
आहार में नमक (सोडियम क्लोराइड) का सेवन बल्ड प्रेशर, हाईपर टेंशन और सामान्य हृदय रोग के खतरे को बढ़ाता है. किसी भी व्यक्ति को पूरे दिन में किसी भी हालत में पांच ग्राम से ज्यादा नमक का सेवन नहीं करना चाहिए और कोशिश करनी चाहिए कि पूरे दिन में लगभग दो ग्राम नमक ही आपके शरीर में जाए. अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन का कहना है कि हाईपरटेंशन से जूझ रहे लोगों के लिए एक दिन में 1.5 ग्राम से अधिक नमक का सेवन हानिकारक हो सकता है.
वहीं, डब्ल्यूएचओ का भी कहना है कि पांच ग्राम नमक (एक चौथाई चम्मच नमक) में दो ग्राम सोडियम होता है. किसी भी वयस्क व्यक्ति को रोजाना दो ग्राम से ज्यादा सोडियम नहीं खाना चाहिए. यानी रोजाना पांच ग्राम से ज्यादा नमक खाना सेहत के लिए नुकसानदेह होता है.