गर्मियों के मौसम में सांप और कीड़ों के काटने के मामले बढ़ जाते हैं. इसका कारण है कि गर्मी में सांप ठंडे स्थान या रिहायसी इलाकों की तरफ जाते हैं क्योंकि उन्हें वहां पर कई ऐसी जगह मिल जाती हैं जहां वे ठंडे स्थान पर रह सकते हैं. फिर कई बार लोग उनकी जगह के आसपास जाते हैं तो असुरक्षा की भावना के कारण उन्हें काट भी लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं सांप के काटने के निशान और मकड़ी के काटने के निशान एक जैसे ही होते हैं. ऐसे में कई बार लोग कन्फ्यूज हो जाते हैं कि यह सांप का काटना है या किसी मकड़ी या दूसरे कीड़े का.
सही पहचान बहुत जरूरी है क्योंकि सांप के जहर का असर गंभीर हो सकता है और इलाज में देरी खतरनाक साबित हो सकती है. तो आइए शरीर पर दिखने वाले निशान, दर्द का तरीका और लक्षणों से जानते हैं कि काटने का निशान सांप का है या मकड़ी का.
जानकारी के मुताबिक, सांप के काटने पर आमतौर पर त्वचा पर 2 गहरे छेद (Fang marks) दिखाई देते हैं. ये छेद सांप के जहरीले दांतों के होते हैं. यदि इन छेद के आसपास तेज दर्द, सूजन और कभी-कभी खून या त्वचा का रंग बदलता है तो ये सांप के ही होते हैं. यदि सांप जहरीला है तो आपको तुरंत चक्कर, उल्टी या सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण जल्दी शुरू हो सकते हैं.
मकड़ी के काटने पर भी कई बार दो छोटे छेद दिख सकते हैं लेकिन ये आमतौर पर सांप जितने गहरे नहीं होते. इसके आसपास लालिमा, दिखाई देती है लेकिन आपको कोई लक्षण दिखाई नहीं देते. मकड़ी के काटने पर खुजली और हल्की सूजन होती है. कुछ मामलों में छोटा छाला या घाव भी बन सकता है लेकिन लक्षण धीरे-धीरे बढ़ते हैं लेकिन आमतौर पर जानलेवा नहीं होते.
सांप के काटने में निशान ज्यादा गहरे और साफ होते हैं जबकि मकड़ी के काटने में निशान हल्के और सतही होते हैं. सांप के काटने के बाद शरीर में लक्षण तेजी से फैलते हैं, जबकि मकड़ी के काटने में ज्यादातर उसी स्थान के आसपास रहता है. अगर दर्द तेजी से बढ़े, सूजन फैलने लगे या शरीर में कमजोरी महसूस हो तो इसे हल्के में न लें.
यदि आपको संकेतों के आधार पर महसूस हो कि सांप ने काटा है, तो तुरंत हॉस्पिटल जाएं. घाव को काटने, चूसने या घरेलू इलाज करने की कोशिश न करें. प्रभावित व्यक्ति को शांत रखें और ज्यादा हिलने-डुलने से बचाएं. समय पर इलाज ही सबसे सुरक्षित उपाय है.