हर महिला चाहती है कि उसकी डिलीवरी नॉर्मल हो क्योंकि यह एक नॉर्मल प्रोसेस है और इससे मां जल्दी पहले की स्थिति में आ जाती हैं. हालांकि नॉर्मल डिलीवरी शरीर की तैयारी और सही देखभाल पर निर्भर करती है. डिलीवरी से पहले डॉक्टर की सलाह से महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान कुछ चीजों को फॉलो करना चाहिए जिससे उनकी डिलीवरी नॉर्मल होने के चांसेज बढ़ सकते हैं.. मुंबई की स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. आशिक अली (Dr. Aashiq Ali) ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो में बताया है कि नॉर्मल डिलीवरी के लिए क्या करना चाहिए?
ये है बेस्ट तरीका
डॉ. आशिक अली ने वीडियो में बताया है कि 38 वीक प्रेग्नेंसी के बाद महिलाओं को डक वॉक एक्सरसाइज और बटरफ्लाय एक्सरसाइज शुरू कर देनी चाहिए. हालांकि, हर महिला की प्रेग्नेंसी बिल्कुल अलग होती है इसलिए पहले अपने डॉक्टर से जरूर सलाह लें और उसके बाद ही कोई एक्सरसाइज शुरू करें.
कैसे फायदेमंद हैं ये एक्सरसाइज
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, नॉर्मल डिलीवरी के लिए डक वॉक और बटरफ्लाई स्ट्रेच जैसी एक्सरसाइज़ शरीर को अंदर से मजबूत और फ्लेग्जिबल बनाती हैं. ये दोनों हल्के लेकिन असरदार मूवमेंट्स हैं जो खासकर पेल्विक एरिया पर काम करते हैं और डिलीवरी के समय मददगार माने जाते हैं.
डक वॉक (Duck Walk): डक वॉक करने से जांघ, कूल्हे और पेल्विक मसल्स मजबूत होते हैं. इससे पेल्विक एरिया में लचीलापन बढ़ता है, जो बच्चे के नीचे आने और बाहर निकलने की प्रोसेस को आसान बना सकता है. रेगुलर और सही तरीके से की गई डक वॉक लेबर के दौरान लगने वाले दबाव को सहने की क्षमता भी बढ़ाता है.
बटरफ्लाई स्ट्रेच (Butterfly strech): बटरफ्लाई स्ट्रेच से पेल्विक फ्लोर मसल्स रिलैक्स होती हैं और कूल्हों में जकड़न कम होती है. यह स्ट्रेच ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करता है, लोअर बॉडी में लचीलापन बढ़ाता है और बच्चे को सही पोजिशन में आने में मदद कर सकता है. साथ ही, यह एक्सरसाइज़ मानसिक रूप से भी शांति देती है, जिससे लेबर पेन को संभालना थोड़ा आसान हो जाता है.
इन बातों का भी रखें ध्यान
नॉर्मल डिलीवरी के लिए प्रेग्नेंसी के दौरान कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बहुत अहम होता है. सबसे पहले बैलेंस और न्यूट्रिशन वाली डाइट लें जिसमें प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, फाइबर और पर्याप्त पानी शामिल हो ताकि मां और बच्चे दोनों स्वस्थ रहें. रेगुलर हल्की एक्सरसाइज जैसे वॉक, प्रेग्नेंसी योग आदि भी डॉक्टर की सलाह से करें.
नियमित एंटीनैटल चेकअप बहुत जरूरी हैं ताकि बच्चे की पोजिशन, वजन और मां की सेहत पर नजर रखी जा सके. मेंटल स्ट्रेस से बचें क्योंकि यदि आप स्ट्रेस नहीं लेंगी तो नॉर्मल डिलीवरी के चांस बढ़ जाते हैं.
डॉक्टर द्वारा बताए गए डेंजर साइन जैसे ज्यादा ब्लीडिंग, तेज दर्द, पानी का जल्दी निकलना या बच्चे की हलचल कम होना आदि पर ध्यान दें. कुल मिलाकर, अच्छी लाइफस्टाइल, पॉजिटिव सोच और डॉक्टर की सलाह से नॉर्मल डिलीवरी आसान हो सकती है.