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Malaria Diet: मलेरिया में इस डाइट को करें शामिल, तेजी से होगी रिकवरी

मलेरिया से पीड़ित रोगियों के ब्लड प्लेटलेट्स काफी कम हो जाते हैं जिससे कमजोरी, बुखार और मांसपेशियों में ऐंठन होती है. समय पर इलाज न मिलने पर यह रोग जानलेवा भी हो सकता है. जिन देशों में बारिश काफी ज्यादा होती है वहीं मलेरिया होना काफी आम है. मलेरिया एनोफ़िलेज़ मादा मच्छर के काटने से होता है.

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मलेरिया में इस डाइट को करें शामिल, तेजी से होगी रिकवरी
मलेरिया में इस डाइट को करें शामिल, तेजी से होगी रिकवरी

Malaria Diet: मलेरिया एक संक्रामक रोग है जो एनोफिलीन मच्छरों द्वारा फैलता है. मलेरिया से पीड़ित रोगियों के ब्लड प्लेटलेट्स काफी कम हो जाते हैं जिससे कमजोरी, बुखार और मांसपेशियों में ऐंठन होती है. समय पर इलाज न मिलने पर यह रोग जानलेवा भी हो सकता है. जिन देशों में बारिश काफी ज्यादा होती है वहीं मलेरिया होना काफी आम है. मेयो क्लिनिक के मुताबिक, हर साल लगभग 290 मिलियन लोग मलेरिया से संक्रमित होते हैं, और 400,000 से अधिक लोग इस बीमारी से मर जाते है. ऐसे में आइए जानते हैं क्या है मलेरिया के लक्षण और किस तरह की डाइट से इससे रिकवर हुआ जा सकता है.

मलेरिया के लक्षण (Symtoms of Malaria Fever)

बुखार आना, सिर दर्द होना, उल्टी होना, मन का मचलना, ठंड लगना, चक्कर आना, थकान होना, पेट दर्द, तेज से सांस लेना आदि लक्षण हैं. 

मलेरिया की डाइट

पानी ज्यादा मात्रा में पिएं

शरीर को हाइड्रेट हमेशा रखना चाहिए लेकिन मलेरिया की बीमारी में यह और भी जरूरी हो जाता है. इसलिए नारियल पानी, फलों के जूस और ज्यादा से ज्यादा पानी पीते रहना चाहिए.

प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट्स का सेवन

मलेरिया बुखार में शरीर को बहुत नुकसान होता है. शरीर के खराब हुए टिशू को ठीक करने के लिए बॉडी को प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट्स की जरूरत होती है. प्रोटीन के लिए दाल, दूध, अंडे, मीट और चिकन खा सकते हैं. कार्बोहाइड्रेट के लिए रोटी, चावल, स्प्राउट को शामिल कर सकते हैं.

फल और सब्जियों का सेवन 

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जब शरीर में मलेरिया का इंफेक्शन रहता है तो भूख भी नहीं लगती है. ऐसे में फल और सब्जियों का सहारा सबसे अच्छा होता है. संतरा, नींबू, पपीता, चुकंदर, गाजर और पालक को खाने में शामिल करना चाहिए. ऐसे फलों का चयन भी कर सकते हैं जिनमें विटामिन बी, विटामिन सी पर्याप्त मात्रा में हों. 

सीड्स और नट्स का करें सेवन 

जब आपको मलेरिया होता है तो आपको अपनी डाइट में ज्यादा फाइटोन्यूट्रिएंट्स को शामिल करने की आवश्यकता होती है जो संक्रमण के कारण होने वाली एंटीऑक्सीडेंट स्ट्रेस से निपटने में मदद करते हैं. नट और बीज फाइटोन्यूट्रिएंट्स के साथ-साथ हेल्दी फैट और प्रोटीन के पावरहाउस हैं. ऐसे में सीड्स और नट्स एक अच्छा ऑप्शन साबित हो सकते हैं.  

मलेरिया डायट में फैट्स पर रखें ध्यान

मलेरिया में आपको फैट कंज्यूम करने से पहले थोड़ा ध्यान देना चाहिए. फैट्स बॉडी के लिए जरूरी है, लेकिन सीमित मात्रा में. मलेरिया डायट में क्रीम, मक्खन जैसे मिल्क प्रोडक्ट्स का उपयोग अपच और डायरिया का कारण बन सकता है.

मलेरिया में क्या न खांए

ठंडा पानी बिल्कुल न पियें और ना ही ठंडे पानी से नहाएं. रोगी को आम, अनार, लीची, अनन्नास, संतरा जैसे फलों का सेवन नहीं करना जैसे फलों का सेवन नहीं करना चाहिए. इससे फायदा नहीं नुकसान होगा. बुखार से पीड़ित व्यक्ति एसी में ज्यादा न रहें. दही, शिकंजी, गाजर, मूली जैसी ठंडी चीजों का सेवन करने से बचें. मिर्च-मसाले व अम्ल रस से बने खाद्य पदार्थों का सेवन न करें. 

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