छिपकली जैसा एक बड़ा सा जीव अक्सर मानसून और बढ़ती गर्मी के बीच रिहायशी इलाकों में दिख जाता है. हालांकि इसे गोह यानी मॉनिटर लिजार्ड कहते हैं लेकिन क्षेत्र और बोलियों के हिसाब से लोग इसे अलग-अलग नामों से पुकारते हैं, जैसे गोहरा, गोयरा आदि. इनका डरावना रूप देखकर लोग अक्सर डर जाते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये जीव जितने खतरनाक दिखते हैं, उतने होते नहीं हैं? भारत में पाए जाने वाले अधिकांश गोह जहरीले नहीं होते, फिर भी सुरक्षा के लिहाज से इन्हें घर से दूर रखना ही बेहतर है. अक्सर खाने की तलाश या छिपने के लिए सुरक्षित ठिकाना ढूंढते हुए ये आपके गार्डन या घर तक पहुंच जाते हैं. अगर ये घर के आसपास दिखें तो कौन से सेफ्टी टिप्स अपनाएं इस बारे में जान लीजिए.
रिपोर्ट के मुताबिक, गोह मुख्य रूप से चूहों, कीड़े-मकौड़ों और छोटे पक्षियों का शिकार करते हैं. घरों में नमी वाले अंधेरे कोने, कबाड़ और खुले में पड़ा पालतू जानवरों का खाना इन्हें आकर्षित करता है. अगर आपके घर के पास गार्डन में झाड़ियां बहुत घनी हैं या दीवार में दरारें हैं, तो गोह वहां अपना अड्डा बना सकते हैं.
Wildlife SOS के अनुसार, ये जीव अपनी जीभ से हवा को महसूस करते हैं और तीखी गंध इन्हें परेशान करती है, जिससे ये दूर भागते हैं.
अगर आप इन्हें बिना नुकसान पहुंचाए भगाना चाहते हैं तो तेज गंध वाली चीजों का इस्तेमाल करें. लहसुन और प्याज का पेस्ट बनाकर पानी में मिलाएं और इसे उन जगहों पर स्प्रे करें जहां गोह के आने की संभावना हो. इसके अलावा, नेप्थलीन बॉल्स यानी फिनाइल की गोलियां भी काफी कारगर साबित होती हैं.
गोह को देखते ही शोर मचाने या उस पर हमला करने की गलती न करें. रिपोर्ट सुझाव देती हैं कि इन्हें कभी भी किसी छोटी जगह पर बंद न करें या फिर इनके पास न जाएं क्योंकि ये बचाव में अपनी पूंछ से हमला कर सकते हैं.
सबसे सुरक्षित तरीका है कि उन्हें घर या गार्डन से बाहर निकलने का रास्ता दें. अगर वह घर के अंदर फंस गया है तो किसी वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम या वन विभाग को फोन करें. ध्यान रखें कि CITES के तहत ये संरक्षित जीव हैं इसलिए इन्हें मारना कानूनी अपराध भी हो सकता है.
बचाव के लिए अपनाएं ये तरीके
घर के चारों ओर साफ-सफाई रखना सबसे जरूरी है. नालियों को जाली से ढकें और दीवारों की दरारों को सीमेंट से भर दें. पालतू जानवरों का खाना खुला न छोड़ें और नियमित रूप से बगीचे की छंटाई करें.
पुराने घर और कबाड़ वाले इलाके, ड्रेनेज सिस्टम और नालियां, घने गार्डन और पार्क, नई बिल्डिंग्स बन रही होती हैं, कचरे के ढेर और खाली प्लॉट को गोह अपना घर बनाते हैं. अगर आप इन छोटी बातों का ध्यान रखते हैं तो गोह कभी आपके घर का रुख नहीं करेगा.