How to Keep Home Cool Without AC: हर साल गर्मी और ज्यादा प्रचंड होती जा रही है. मई-जून में ही सूरज की तपिश ऐसा तांडव मचाती है कि पल भर में आप पसीनों से तरबतर हो सकते हैं. इस समय दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई शहर इस समय भीषण गर्मी की चपेट में हैं. राजधानी दिल्ली में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जिसकी वजह से लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. तेज धूप, गर्म हवाएं और उमस भरे मौसम में घर के अंदर बैठना भी मुश्किल हो जाता है. हालात ऐसे हैं कि सुबह से ही घरों की दीवारें और छतें तपने लगती हैं और शाम तक कमरे भट्टी जैसे महसूस होने लगते हैं.
ऐसे मौसम में ज्यादातर लोग भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए AC और कूलर का सहारा लेते हैं, लेकिन इससे बिजली का बिल भी बढ़ता है और इनसे निकलने वाली गर्म हवाएं बाहर के तापमान को और ज्यादा बढ़ाने का काम करती हैं. कई लोग एफोर्डिबिलिटी की वजह से भी घर में एसी नहीं लगवा पाते हैं. यही वजह है कि अब लोग ऐसे तरीकों की तलाश कर रहे हैं, जिनसे उनका खर्चा भी ज्यादा न हो और भट्टी से तपते घर को ठंडा भी रखा जा सके. अगर आप भी ऐसे ही तरीकों की तलाश कर रहे हैं तो आपको समाधान दादी-नानी के समय में मिल सकता है. दरअसल, पुराने समय में जब AC जैसी मशीनें नहीं थीं, तब भी लोग अपने घरों को ठंडा रख पाते थे. भारत के मशहूर आर्किटेक्ट्स ने कुछ ऐसे देसी और आसान तरीके शेयर किए हैं, जिनकी मदद से घर को नेचुरल तरीके से ठंडा रखा जा सकता है. ये तरीके न केवल घर को बल्कि फ्लैट या छोटे अपार्टमेंट में भी आसानी से ठंडा करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं.
1. पानी और ठंडी हवा का कमाल
पुराने जमाने में राजस्थान और गुजरात जैसे गर्म शहरों के लोग अपने घरों को ठंडा रखने के लिए पानी को जमा करते थे. जी हां, बावड़ियां और पानी के कुंड सिर्फ पानी जमा करने के लिए नहीं होते थे, बल्कि आसपास के भट्टी जैसे माहौल का तापमान कम करने का काम भी करते थे. पानी के कारण हवा ठंडी हो जाती थी और घरों में राहत मिलती थी.
आज के मॉडर्न घरों में भी इस तरीके को अपनाया जा सकता है. अगर घर में बालकनी, आंगन या खिड़की के पास छोटा फाउंटेन लगाएं, पानी से भरा बर्तन या पौधों के पास पानी रखें, तो आसपास की हवा थोड़ी ठंडी महसूस होती है.
अगर आप फ्लैट या अपार्टमेंट में रहते हैं, तो आप दोपहर में खिड़कियों पर मोटे पर्दे या ब्लाइंड्स लगा सकते हैं. खस की टट्टी या खस के पर्दों पर हल्का पानी छिड़कने से भी गर्मी से राहत मिल सकती है. इससे आने वाली हवा ठंडी और खुशबूदार लगेगी.
2. जालीदार डिजाइन से घर रहेगा ठंडा
पुराने किलों और हवेलियों में पत्थर की जालियां लगी होती थीं. इन जालियों से धूप सीधे अंदर नहीं आती थी, लेकिन हवा आराम से गुजरती रहती थी. इससे कमरा ठंडा बना रहता था. आजकल भी घरों में लकड़ी, सीमेंट या डिजाइनर जालियों का इस्तेमाल किया जा सकता है. ये घर को स्टाइलिश लुक देने के साथ-साथ उसके अंदर ट्रैप होने वाली गर्मी भी कम करती हैं.
जाली तेज धूप को सीधे घर के अंदर आने रोकती है. हवा का बहाव बनाए रखती है और कमरे में घुटन नहीं होने देती है.
3. मिट्टी और टेराकोटा का कमाल
जिस तरह मिट्टी के घड़े का पानी ठंडा रहता है, उसी तरह मिट्टी और टेराकोटा घर को भी ठंडा रखने में मदद करते हैं. मिट्टी की चीजें गर्मी को जल्दी अंदर नहीं आने देती हैं. अब आप कहेंगे कि घरों को मिट्टी से लेप तो नहीं सकते हैं, लेकिन आप टेराकोटा टाइल्स, मिट्टी की दीवारें और मिट्टी से बने कूलिंग पैनल का इस्तेमाल कर सकते हैं.
आप घर की बालकनी में मिट्टी के गमले रख सकते हैं. टेराकोटा की सजावटी चीजें लगा सकते हैं. मिट्टी के घड़े का इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे घर का तापमान थोड़ा कम महसूस होता है.
4. क्रॉस वेंटिलेशन बहुत जरूरी है
अगर घर में हवा आने-जाने का रास्ता सही नहीं होगा, तो गर्म हवा अंदर ही ट्रैप रहेगी. इसलिए क्रॉस वेंटिलेशन बेहद जरूरी माना जाता है. घर में वेंटिलेशन बनाए रखने के लिए सुबह 5 बजे से 8 बजे तक और शाम 7 बजे से 10 बजे तक ज्यादा से ज्यादा खिड़कियां खोलकर रखें. इससे ताजी-ठंडी हवा अंदर आएगी और गर्म हवा बाहर निकल जाएगी.
5. सफेद रंग और हल्के शेड्स अपनाएं
गहरे रंग गर्मी ज्यादा सोखते हैं, जबकि सफेद और हल्के रंग सूरज की रोशनी को रिफ्लेक्ट कर देते हैं. यही वजह है कि गर्मियों में हल्के रंग के घर ज्यादा ठंडे महसूस होते हैं. ऐसे में गर्मी के मौसम में आप छत पर सफेद चूना लगवा सकते हैं. दीवारों पर हल्के रंग करवा सकते हैं. हल्के रंग के पर्दे और बेडशीट इस्तेमाल कर सकते हैं.
6. बांस के पर्दे और भूसे की इंसुलेशन
आप घरों में बांस के पर्दे भी लगा सकते हैं ये धूप को सीधे अंदर आने से रोकते हैं और हवा को फिल्टर करके ठंडक बनाए रखते हैं. वहीं कुछ लोग छत पर भूसा डालकर और उस पर पानी छिड़ककर भी घर को ठंडा रखते हैं. ये पुराने देसी तरीके आज भी काफी असरदार माने जाते हैं.