Tips For Hair Fall: आज की दौड़ती-भागती दुनिया में बालों का झड़ना और गंजापन काफी बढ़ी समस्या बन गया है. बाल झड़ने के प्रमुख कारणों में स्ट्रेस, प्रदूषण और खराब डाइट अहम भूमिका निभा रहे हैं और वे इस समस्या को और अधिक बढ़ा रहे हैं. बालों की हेल्थ को सही रखने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय करते हैं जिसमें बालों में तेल लगाना जैसे पारंपरिक तरीके भी शामिल हैं. पीढ़ियों से दावा किया जाता रहा है कि बालों में तेल लगाने से जड़ों को मज़बूत बनाने और बालों का झड़ना कम करने में मदद मिलती है. लेकिन आपको असल में अपने बालों में कितनी बार तेल लगाना चाहिए? तो आइए इसका सही-सही जवाब जानते हैं.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि सही मात्रा में तेल लगाना ज़रूरी है. अधिक तेल लगाने से पोर्स बंद हो सकते हैं और बाल झड़ना और बढ़ सकता है, जबकि सही मात्रा में लगाने से फॉलिकल्स को असरदार तरीके से पोषण मिलता है.
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ साइंस में पब्लिश स्टडी के मुताबिक, बाल प्रोटीन से बनते हैं और यदि उनकी मात्रा बालों में कम हो जाए तो बाल टूटने लगते हैं. नारियल जैसे तेल बालों के शाफ़्ट में अंदर तक जाते हैं जिससे उनमें प्रोटीन का नुकसान 41.8 प्रतिशत तक कम हो जाता है.
तेल लगाते समय स्कैल्प की मसाज करने से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, फॉलिकल्स तक न्यूट्रिएंट्स पहुंचते हैं और ग्रोथ को बढ़ावा मिलता है. क्लिनिकल ट्रायल्स में दिखाया गया है कि लगातार तेल लगाने से 8 हफ्तों में बालों का झड़ना 63 प्रतिशत कम हो गया.
हर किसी का स्कैल्प टाइप और बालों की कंडीशन अलग होती है, इसलिए बताए गए तरीकों का असर भी अलग-अलग हो सकता है.
डर्मेटोलॉजिस्ट हफ्ते में 1-3 बार तेल लगाने की सलाह देते हैं. उनका कहना है कि तेल आपके स्कैल्प के टाइप के हिसाब से होना चाहिए, ताकि गंदगी जमा न हो और बाल भी न झड़ें. सूखे या डैमेज बालों जो जल्दी टूटते हैं, हफ्ते में 2 या 3 बार नारियल या बादाम के तेल से लगाने से बिना चिकनाई के नमी वापस आ जाती है.
ऑयली स्कैल्प के लिए हफ्ते में 1 बार हल्के आर्गन या तिल के तेल का इस्तेमाल करने से रोमछिद्र बंद नहीं होते. नॉर्मल बालों में 1-2 बार तेल लगाने से फायदा होता है, जबकि केमिकल से ट्रीट किए गए बालों को ज़्यादा बार देखभाल की जरूरत होती है, लेकिन रोजाना तेल कभी नहीं लगाना चाहिए क्योंकि ज़्यादा तेल नैचुरल सीबम बैलेंस में रुकावट डालता है.
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ साइंस में पब्लिश स्टडी में बताया गया है कि तेल को हल्का गर्म करें और उंगलियों से स्कैल्प पर 5-10 मिनट तक मसाज करें ताकि फॉलिकल्स एक्टिवेट हो जाएं. नमी वाले मौसम में फंगल रिस्क से बचने के लिए इसे रात भर नहीं, बल्कि 1-2 घंटे के लिए लगा रहने दें.
ग्रोथ के लिए जड़ों और मजबूती के लिए सिरों पर ध्यान दें. माइल्ड सल्फेट-फ्री शैम्पू से धोएं. आंवला या कैस्टर ऑयल जैसे पॉपुलर भारतीय ऑप्शन एंटी-फंगल फायदे देते हैं जो डैंड्रफ से लड़ते हैं जिससे इनडायरेक्टली बाल झड़ते हैं. एलर्जी से बचने के लिए नए तेलों का पैच-टेस्ट करें.
रोज तेल लगाने से ग्रीसी बिल्डअप, फॉलिकुलिटिस और फॉलिकल्स को ब्लॉक करके फॉलआउट बढ़ जाता है. तेल लगाने के बाद शैम्पू न लगाने से गंदगी रह जाती है जो पॉल्यूटेंट को अट्रैक्ट करती है, जिससे दिल्ली जैसे पॉल्यूटेड शहरों में डैमेज और बढ़ जाता है.
एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह के साथ तेल लगाना चाहिए क्योंकि तेल जेनेटिक लॉस को सपोर्ट तो करते हैं लेकिन ठीक नहीं करते. गर्मियों में नमी में ज़्यादा तेल लगाने से स्कैल्प पर मुंहासे होने का रिस्क बढ़ जाता है.
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सामान्य रिसर्च और एक्सपर्ट्स की राय पर आधारित है. इसे किसी भी तरह की मेडिकल सलाह या इलाज का ऑपशंस न समझें.