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50 रुपये की प्रेग्नेंसी किट कैसे बता देती है इतनी बड़ी बात? जानिए अंदर का साइंस

How pregnancy test kit works: प्रेग्नेंसी किट (Pregnancy kit) से घर पर कैसे गर्भावस्था का पता लगाया जा सकता है, ये किट कैसे काम करती है, सही तरीका क्या है, इस बारे में आर्टिकल में जानेंगे.

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प्रेग्नेंसी किट से घर पर प्रेग्नेंसी का पता लगाया जा सकता है. (Photo: ITG)
प्रेग्नेंसी किट से घर पर प्रेग्नेंसी का पता लगाया जा सकता है. (Photo: ITG)

How pregnancy test kit works: प्रेग्नेंसी टेस्ट किट मार्केट में उपलब्ध होने से काफी सुविधा हो गई है पहले जहां सिर्फ पीरियड्स मिस होने, ब्रेस्ट में दर्द या सूजन, दिन भर आलस आना, थकान आदि से प्रेग्नेंसी का पता लगाया जाता था वहीं अब प्रेग्नेंसी टेस्ट किट से काफी सुविधा हो गई है. प्रेग्नेंसी किट से लगभग सटीकता के साथ प्रेग्नेंसी का पता लगाया जा सकता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि 50 रुपये में आने वाली इस प्रेग्नेंसी किट में ऐसा क्या होता है जो तुरंत रिजल्ट पता चल जाता है? अगर नहीं जानते तो आइए आज हम आपको बताते हैं इसके पीछे क्या साइंस है.

प्रेग्नेंसी किट कैसे काम करती है?

प्रेग्नेंसी टेस्टिंग किट एचसीजी हार्मोन (Human chorionic gonadotropin) का पता लगाती हैं. दरअसल, प्रेग्नेंसी के दौरान, आपका शरीर प्रेग्नेंसी बनाए रखने के लिए एचसीजी हार्मोन रिलीज करने लगती है. ऐसे में जो प्रेग्नेंसी किट के स्ट्रिप्स में कुछ ऐसे केमिकल लगे होते हैं जो एचसीजी के साथ प्रतिक्रिया करते हैं. उन स्ट्रिप्स पर मौजूद खास एंटीबॉडीज इस हार्मोन से रिएक्ट करती हैं और यही रिएक्शन लाइन या रंग बदलने के रूप में रिजल्ट दिखाता है.

स्ट्रिप पर hCG को पहचानने वाली एंटीबॉडी लगी होती हैं जिसके एक हिस्सा कंट्रोल लाइन (C) के लिए होता है जो बताता है कि किट सही काम कर रही है और वहीं दूसरा हिस्सा टेस्ट लाइन (T) के लिए होता है जो प्रेग्नेंसी होने पर रंगीन लाइन दिखाता है.

जब टेस्टिंग के दौरान यूरिन स्ट्रिप से गुजरती है तो उसमें मौजूद hCG, स्ट्रिप पर लगी एंटीबॉडी से चिपक जाती है और एक केमिकल रिएक्शन के कारण रंगीन लाइन बन जाती हैं. अगर hCG पर्याप्त मात्रा में है तो C के साथ T पर भी लाइन दिखती है. hCG न होने पर सिर्फ C लाइन आती है. कई बार एक हल्की लाइन भी दिखाई देती है जो आमतौर पर पॉजिटिव रिजल्ट का संकेत देती है.

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प्रेग्नेंसी टेस्टिंग पर रिजल्ट कैसे पढ़ें?

यदि टेस्टिंग के दौरान C लाइन गहरी है और T लाइन नहीं है तो इसका मतलब है कि टेस्ट सही हुआ है और प्रेग्नेंसी नहीं है. जब C और T दोनों लाइनें दिखें तो इसका मतलब प्रेग्नेंसी पॉजिटिव मानी जाती है. C लाइन बने ही ना तो इसका मतलब होता है कि किट या टेस्ट इनवैलिड है. आपको दोबारा नई किट से टेस्ट करना होगा.

प्रेग्नेंसी टेस्ट का सही समय और जरूरी बातें

  • आमतौर पर पीरियड मिस होने के पहले दिन से या असुरक्षित सेक्स के लगभग 21 दिन बाद टेस्ट करने की सलाह दी जाती है ताकि यूरिन में hCG का लेवल पर्याप्त हो जाए. टेस्टिंग के लिए सुबह का पहला यूरिन सबसे अच्छा माना जाता है क्योंकि उसमें hCG सबसे ज्यादा कॉन्सेंट्रेटेड होता है.
     
  • बहुत जल्दी टेस्ट करने पर hCG कम होने की वजह से रिजल्ट नेगेटिव आ सकते हैं इसलिए रिजल्ट डाउटफुल हो तो 2–3 दिन बाद फिर टेस्ट करें.
     
  • कोई भी किट यूज करने से पहले उस पर लिखे रूल्स को ठीक से पढ़ना जरूरी है. कन्फ्यूजन या लगातार अलग-अलग रिजल्ट आने पर गायनेकॉलजिस्ट से कंसल्ट करें.

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