How pregnancy test kit works: प्रेग्नेंसी टेस्ट किट मार्केट में उपलब्ध होने से काफी सुविधा हो गई है पहले जहां सिर्फ पीरियड्स मिस होने, ब्रेस्ट में दर्द या सूजन, दिन भर आलस आना, थकान आदि से प्रेग्नेंसी का पता लगाया जाता था वहीं अब प्रेग्नेंसी टेस्ट किट से काफी सुविधा हो गई है. प्रेग्नेंसी किट से लगभग सटीकता के साथ प्रेग्नेंसी का पता लगाया जा सकता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि 50 रुपये में आने वाली इस प्रेग्नेंसी किट में ऐसा क्या होता है जो तुरंत रिजल्ट पता चल जाता है? अगर नहीं जानते तो आइए आज हम आपको बताते हैं इसके पीछे क्या साइंस है.
प्रेग्नेंसी टेस्टिंग किट एचसीजी हार्मोन (Human chorionic gonadotropin) का पता लगाती हैं. दरअसल, प्रेग्नेंसी के दौरान, आपका शरीर प्रेग्नेंसी बनाए रखने के लिए एचसीजी हार्मोन रिलीज करने लगती है. ऐसे में जो प्रेग्नेंसी किट के स्ट्रिप्स में कुछ ऐसे केमिकल लगे होते हैं जो एचसीजी के साथ प्रतिक्रिया करते हैं. उन स्ट्रिप्स पर मौजूद खास एंटीबॉडीज इस हार्मोन से रिएक्ट करती हैं और यही रिएक्शन लाइन या रंग बदलने के रूप में रिजल्ट दिखाता है.
स्ट्रिप पर hCG को पहचानने वाली एंटीबॉडी लगी होती हैं जिसके एक हिस्सा कंट्रोल लाइन (C) के लिए होता है जो बताता है कि किट सही काम कर रही है और वहीं दूसरा हिस्सा टेस्ट लाइन (T) के लिए होता है जो प्रेग्नेंसी होने पर रंगीन लाइन दिखाता है.
जब टेस्टिंग के दौरान यूरिन स्ट्रिप से गुजरती है तो उसमें मौजूद hCG, स्ट्रिप पर लगी एंटीबॉडी से चिपक जाती है और एक केमिकल रिएक्शन के कारण रंगीन लाइन बन जाती हैं. अगर hCG पर्याप्त मात्रा में है तो C के साथ T पर भी लाइन दिखती है. hCG न होने पर सिर्फ C लाइन आती है. कई बार एक हल्की लाइन भी दिखाई देती है जो आमतौर पर पॉजिटिव रिजल्ट का संकेत देती है.
यदि टेस्टिंग के दौरान C लाइन गहरी है और T लाइन नहीं है तो इसका मतलब है कि टेस्ट सही हुआ है और प्रेग्नेंसी नहीं है. जब C और T दोनों लाइनें दिखें तो इसका मतलब प्रेग्नेंसी पॉजिटिव मानी जाती है. C लाइन बने ही ना तो इसका मतलब होता है कि किट या टेस्ट इनवैलिड है. आपको दोबारा नई किट से टेस्ट करना होगा.