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High Cholesterol: पैर में दिखें ये लक्षण तो समझ लें खतरनाक रूप से बढ़ गया है कोलेस्ट्रॉल लेवल

हेल्दी बॉडी के लिए कोलेस्ट्रॉल की काफी ज्यादा जरूरत पड़ती है. कोलेस्ट्रॉल कोशिकाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है लेकिन शरीर में कोलेस्ट्रॉल का लेवल ज्यादा होने पर कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. वैसे तो आमतौर पर शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने के कोई संकेत नजर नहीं आते लेकिन कभी-कभी यह दिखाई दे सकते हैं. कोलेस्ट्रॉल का लेवल खतरनाक तरीके से बढ़ने पर पैरों में इसके कुछ लक्षण नजर आते हैं.

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High Cholesterol: पैर में दिखें ये लक्षण तो समझे लें खतरनाक रूप से बढ़ गया है कोलेस्ट्रॉल लेवल (Photo/credit: Getty Images) High Cholesterol: पैर में दिखें ये लक्षण तो समझे लें खतरनाक रूप से बढ़ गया है कोलेस्ट्रॉल लेवल (Photo/credit: Getty Images)

कोलेस्ट्रॉल हमारे खून में मौजूद एक वैक्स जैसा पदार्थ होता है. कोलेस्ट्रॉल दो तरह का होता है एक कोलेस्ट्रॉल हमारे शरीर के लिए काफी जरूरी माना जाता है वहीं, दूसरा कोलेस्ट्रॉल हार्ट डिजीज और कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ा देता है. इसे  हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन (HDL) और लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन (LDL) कोलेस्ट्रॉल के नाम से जाना जाता है. HDL को गुड कोलेस्ट्रॉल माना जाता है जिसकी हमारे शरीर को काफी जरूरत होती है वहीं,  LDL को बैड कोलेस्ट्रॉल माना जाता है इससे हार्ट डिजीज और स्ट्रोक आदि समस्याओं क खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है. 

कोलेस्ट्रॉल आमतौर पर हमारे खून में बहता है. कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ने से रक्त वाहिकाओं में कोलेस्ट्रॉल जमने लगता है जिससे हृदय तक ब्लड का फ्लो काफी कम हो जाता है जिस कारण हार्ट डिजीज और स्ट्रोक का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है. यूं तो शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने के कोई संकेत नजर नहीं आते लेकिन कभी-कभी इसके संकेत दिखाई दे सकते हैं. 

एक स्टडी के अनुसार, कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने पर पैरों में इसके लक्षण नजर आने लगते हैं.  शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने से पेरीफेरल आर्टरी डिजीज (PAD) नाम की एक समस्या का सामना करना पड़ता है. इस समस्या के चलते धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमने के कारण धमनियां काफी सिकुड़ जाती है. जिससे पैरों और हाथों में ब्लड का फ्लो काफी कम हो जाता है. पैरों तक सही मात्रा में खून ना पहुंच पाने के कारण व्यक्ति को चलते समय काफी दर्द का सामना करना पड़ता है.

पेरीफेरल आर्टरी डिजीज (PAD) का एक मुख्य संकेत पैर का रंग बदलना है.  अगर आपके पैर का रंग भी धीरे-धीरे नीला होता जा रहा है तो यह इस बात का संकेत है कि आपके पैर में ब्लड का फ्लो काफी कम है. अगर समय पर पेरीफेरल आर्टरी डिजीज  का इलाज ना कराया जाए तो इससे कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है जैसे- 

शरीर के अंगों में लगातार दर्द होना
 
अंगों में कमजोरी

हाथ-पैरों का सुन्न पड़ना

शरीर के अंगों के रंग में बदलाव

ऐसे में इन सभी समस्याओं के छुटकारा पाने के लिए जरूरी है कि आप अपने कोलेस्ट्रॉल लेवल पर ध्यान दें और इसे बढ़ने ना दें. 

हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या काफी आम है और इसे कई तरीकों से ठीक भी किया जा सकता है. हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या को ठीक करने का सबसे सही तरीका ये है कि आप अपना डाइट, लाइफस्टाइल पर ध्यान दें. ऐसे में जरूरी है कि आप ज्यादा से ज्यादा फिजिकल एक्टिविटीज करें. 

कोलेस्ट्रॉल लेवल को मेनटेन रखने के लिए जरूरी है कि आप ऐसी चीजों को ना खाएं जो प्रोसेस्ड होती है और जिनमें फैट की मात्रा काफी ज्यादा होती है. इसके अलावा आप नट्स, फ्रूट्स और सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल करें, साथ ही रेड मीट के बजाय चिकन का सेवन करें. 


 

 

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