अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड, जिनमें आर्टिफिशियल एडिक्टिव, रिफाइंड शुगर, सैचुरेटेड फैट और प्रिजर्वेटिव की ज्यादा मात्रा होती है, ये मॉर्डन डाइट का अहम हिस्सा बन चुके हैं. पैकेज्ड स्नैक्स से लेकर शुगर ड्रिंक्स तक, ये चीजें हर जगह मौजूद हैं. इन चीजों का सेवन अगर आप लॉन्ग टर्म के लिए करते हैं तो इससे आपकी सेहत पर बुरा असर पड़ता है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स से भरपूर डाइट मोटापे, टाइप 2 डायबिटीज और हार्ट डिजीज समेत कई क्रॉनिक डिजीज से जुड़े हैं.
खाली कैलोरी के साथ ही इन चीजों को बनाने में इतनी ज्यादा केमिकल प्रोसेसिंग की जाती है कि इसके पोषक तत्व पूरी तरह से खत्म हो जाते हैं. तो अगर आप भी इन चीजों का सेवन करते हैं तो जरूरी है कि अलर्ट हो जाएं.
अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स में ज्यादातर काफी ज्यादा चीनी, अनहेल्दी फैट, सोडियम और केमिकल एडिक्टिव होते हैं जो मेटाबॉलिज्म को स्लो कर सकते हैं. हार्वर्ड हेल्थ और डब्ल्यूएचओ के अनुसार, ऐसे फूड्स का लगातार सेवन इंफ्लेमेशन, हार्मोन असंतुलन और पेट से संबंधित समस्याओं को ट्रिगर कर सकता है, जिससे समय के साथ आपको लाइफस्टाइल संबंधी बीमारियों और यहां तक कि कुछ कैंसर का खतरा बढ़ जाता है.
मोटापे का खतरा- अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स कैलोरीज से भरपूर होते हैं और इसमें पोषक तत्व ना के बराबर होते हैं. खाद्य पदार्थ कैलोरी-घने और पोषक तत्वों से रहित होते हैं. इन चीजों को खाने से आपका पेट कुछ समय के लिए भरता है लेकिन कुछ ही समय बाद आपको फिर से भूख लगने लगती है, जिससे आप जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं और आपका वजन बढ़ने लगता है. कई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि जो लोग अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स खाते हैं, वो नॉर्मल खाना खाने वालों की तुलना में रोजाना 500 कैलोरी ज्यादा लेते हैं, जिससे मोटापे का खतरा काफी बढ़ जाता है.
टाइप-2 डायबिटीज का खतरा- अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स का ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी ज्यादा होता है जिससे आपका ब्लड शुगर लेवल काफी लेती से बढ़ लगता है. इन्हें लगातार खाने से टाइप-2 डायबिटीज का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है.
हार्ट डिजीज और हाइपरटेंशन- अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स में सोडियम और ट्रांस फैट की उच्च मात्रा ब्लड प्रोसेस्ड और कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बढ़ा सकती है. इससे हार्ट डिजीज का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है. इन फूड्स का कम मात्रा में सेवन भी हाई ब्लड प्रेशर को बढ़ाने में योगदान देता है.
खराब पाचन और गट हेल्थ- अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स में फाइबर कम और केमिकल एडिक्टिव ज्यादा होते हैं जो पेट की लाइनिंग को नुकसान पहुंचा सकते हैं. ये हेल्दी बैक्टीरिया के प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ते हैं, जिससे सूजन, कब्ज जैसी समस्याएं हो सकती हैं.