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Gas problem: आपको भी बनती है बहुत ज्यादा गैस? पेट की इन गंभीर समस्याओं का हो सकता है संकेत

हम सभी को कभी न कभी गैस की समस्या जरूर होती है जो अपने आप ही ठीक हो जाती है. यही वजह है कि ज्यादातर लोग इस पर ध्यान नहीं देते हैं. अक्सर लोग किसी ना किसी घरेलू तरीके से गैस छुटकारा पा लेते हैं लेकिन अगर आपको अक्सर ही गैस की समस्या होती है जो कई दिनों तक रहती है तो ये चिंता की बात हो सकती है.

पेट में बहुत गैस बनने के कई कारण हो सकते हैं पेट में बहुत गैस बनने के कई कारण हो सकते हैं
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पेट के गैस को मामूला ना समझें
  • गैस की वजह से हो सकता है पेट दर्द
  • कई वजहें जिम्मेदार

हम सभी को कभी न कभी गैस की समस्या जरूर होती है जो अपने आप ही ठीक हो जाती है. यही वजह है कि ज्यादातर लोग इस पर ध्यान नहीं देते हैं. अक्सर लोग किसी ना किसी घरेलू तरीके से गैस छुटकारा पा लेते हैं,लेकिन अगर आपको अक्सर ही गैस की समस्या होती है जो कई दिनों तक रहती है तो ये चिंता की बात हो सकती है. खासतौर से अगर डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव के बाद भी आपको बहुत गैस बनती है तो इसके कुछ खाश कारण हो सकते हैं.

कुछ खास फूड आइटम को पचाने में समस्या (Problems with Digesting Certain Foods)- कुछ लोगों को कुछ खास तरह के फूड आइटम पचाने में समस्या होती है जैसे कि कार्बोहाइड्रेट वाला खाना जब नहीं पच पाता है तो गैस और सूजन की समस्या होने लगती है. इस तरह की समस्या कई फूड आइटम्स के साथ हो सकती है. जैसे कि कुछ लोगों में दूध नहीं पचा पाते हैं, कुछ लोग फ्रुक्टोज ड्रिंक्स नहीं पचा पाते हैं वहीं कुछ लोगों को ग्लूटेन डाइट से दिक्कत होती है. इसी तरह कुछ लोग कार्बोहाइड्रेट फूड नहीं पचा पाते हैं.

इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (Irritable Bowel Syndrome)- इरिटेबल बाउल सिंड्रोम की वजह से पेट में दर्द और शौच में दिक्कत होती है. इससे अक्सर डायरिया या कब्ज की भी समस्या रहती है. इसकी वजह से पैट में बहुत गैस बनती है और सूजन होती है जो बहुत दिक्कत करते हैं. ये कुछ खास फूड्स, दवाओं और कभी-कभी इमोशनल स्ट्रेस की वजह से भी हो सकता है. इरिटेबल बाउल सिंड्रोम के लक्षण अचानक से दिखते हैं और अपने आप ही चले जाते हैं. अगर बहुत दिक्कत ना हो तो इसे लाइफस्टाइल और डाइट के जरिए इसे कंट्रोल किया जा सकता है लेकिन समस्या बढ़ने पर डॉक्टर से संपर्क भी करना पड़ सकता है.

गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स रोग (Gastroesophageal Reflux Disease)- ये एक ऐसी बीमारी है जिसमें ऐसा लगता है कि खाना खाने के बाद ये खाने की नली से वापस आ रहा है. इसकी वजह से छाती में जलन (एसिड रिफ्लक्स/हार्टबर्न), पेट में एसिड का फिर से आना या गले में गांठ होने का अनुभव हो सकता है. डीप फ्राइड फूड्स, चॉकलेट्स, कॉफी और शराब अक्सर इस समस्या को बढ़ाने का काम करते हैं. मोटापे और प्रेग्नेंसी के समय भी ये समस्या बढ़ जाती है.

आंत में बैक्टीरिया की संख्या बढ़ जाना (Bacterial Overgrowth in intestines)- बैक्टीरिया की संख्या अचानक बढ़ जाना या छोटी आंतों में बैक्टीरिया के आकार में बदलाव आपके पेट की सेहत को प्रभावित कर सकता है. बैक्टीरिया पेट में अतिरिक्त गैस बनाते हैं जिससे आपको हमेशा गैसी महसूस हो सकता है. इसकी वजह से दस्त और वजन में अचानक कमी भी आ सकती है. बैक्टीरिया के अचानक बढ़ जाने से डॉक्टर को दिखाने की स्थिति आ सकती है.

पेट की अन्य स्थिति (Other Stomach Conditions)- पेट में अधिक गैस बनना और भी कई बातों का संकेत हो सकता है जैसे कि डंपिंग सिंड्रोम (एक बीमारी जिसमें भोजन पाचन तंत्र से बहुत जल्दी गुजरता है), हर्निया या ट्यूमर की वजह से आंतों में रुकावट आने लगती है.  यह गुर्दे की पथरी, पित्त पथरी, पित्ताशय की थैली में सूजन, पेप्टिक अल्सर रोग या क्रोहन रोग का लक्षण भी हो सकता है. हालांकि ऐसी स्थिति में पेट की गैस के अलावा और भी कई लक्षण दिखाई देते हैं.

 

 

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