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300 ग्राम घी, 3 लीटर दूध...ऐसी होती है देसी पहलवानों की डाइट! रोज लगाते हैं इतने दंड-बैठक

Diet and fitness routine of India Pehelwan: इंडियन रेसलर बजरंग पूनिया (Bajrang punia), दीपक पूनिया (Deepak punia) और साक्षी मलिक (Sakshi Malik) ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में फ्री-स्टाइल रेसलिंग में गोल्ड मेडल जीता है. ये सारे पहलवान देसी अखाड़े में प्रैक्टिस किया करते थे. देसी अखाड़े के पहलवानों की डाइट और कसरत कैसी होती है? इस बारे में आर्टिकल में जानेंगे.

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(Image credit: Instagram/bajrang punia and getty images) (Image credit: Instagram/bajrang punia and getty images)

Commonwealth Games 2022: कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के 8वें दिन इंडियन रेसलर बजरंग पूनिया, दीपक पूनिया और साक्षी मलिक ने फ्री-स्टाइल रेसलिंग में गोल्ड मेडल जीता. ये तीनों रेसलर ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन किया और मेडल अपने नाम किया. गोल्ड मेडल जीतने के लिए सभी प्लेयर्स काफी समय से अपनी फिटनेस पर ध्यान दे रहे थे. बजरंग पूनिया हो या रवि पूनिया सभी एथलीट गांव से निकले हैं और बचपन में अखाड़े से ही अपने करियर की शुरुआत की थी. इसके बाद दोनों प्रोफेशनल रेसलिंग की दुनिया में आए और देश के लिए कई मेडल जीते. बजरंग पूनिया और दीपक के बारे में बताया जाता है कि दोनों ने एक ही अखाड़े से पहलवानी के गुर सीखे हैं. अखाड़े के भारतीय पहलवानों का रूटीन, खाना-पान कैसा रहता है? इस बारे में भी जान लीजिए.

बजरंग और दीपक पूनिया ने साथ में की पहलवानी

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बजरंग पूनिया और दीपक पूनिया ने पहलवानी के शुरुआती गुर हरियाणा के झज्जर के पास बहादुरगढ़ के छारा गांव में स्थित लाला दीवान चंद अखाड़े से सीखे थे. दोनों इस अखाड़े के 'बाल पहलवान' थे. बजरंग पूनिया के पिता बलवान सिंह पूनिया ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था, "बजरंग 2005 से लाला दीवानचंद अखाड़े जाया करता था. अखाड़ा गांव से 35 किलोमीटर दूर था. वह रोजाना सुबह तीन बजे उठ जाता था और आज भी उसका यही रूटीन है."

छारा में पहलवानी के दाव-पेंच सीखने के बाद दोनों ट्रेनिंग के लिए दिल्ली आए और आज देश के लिए काफी मेडल जीत चुके हैं. बताया जाता है कि 2004 में बजरंग पूनिया और 2005 में रवि पूनिया ने इस अखाड़े को ज्वाइन किया था. दीपक ने जब अखाड़ा जाना शुरू किया था तब उनकी उम्र काफी कम थी. 

हरियाणा बल्लभगढ़ के एक वाले पूर्व पहलवान अमित चंदीला ने एक इंटरव्यू के दौरान पहलवानों की डाइट, कसरत के बारे में बताया था. अखाड़े में प्रैक्टिस के दौरान पहलवानों का खान-पान और एक्सरसाइज कैसी होती है? इस बारे में भी जान लीजिए.

एनर्जी के लिए लेते हैं खास ड्रिंक

अमित चंदीला ने पहलवानों की डाइट के बारे में बात करते हुए कहा था, "पहलवान जैसा खाना खाते हैं, वह आम इंसान के लिए आसान नहीं होता. हमारी दिनचर्या और खान-पान काफी अलग होता है. जो लोग दिन भर डेस्क पर बैठे रहते हैं वे लोग पहलवानों की दिनचर्या को फॉलो नहीं कर पाएंगे क्योंकि हमारा रूटीन बचपन से ही ऐसा रहता है. 

अमित ने आगे कहा, "पहलवान लोगों का खाना काफी साधारण लेकिन ताकत देने वाला होता है. हम लोग एक खास तरह की ड्रिंक पीते हैं जिससे काफी ताकत मिलती है. ड्रिंक बनाने के लिए बादाम, पिस्ता, अखरोट और काजू के छोटे-छोटे टुकड़े किए जाते हैं और फिर उसमें काली मिर्च, सफेद मिर्च, पानी और किशमिश, घी डालकर पेस्ट तैयार करते हैं. इसके बाद दूध लेते हैं और उसे पानी मिलाकर पतला करते हैं. दूध में सूखे मेवे का पेस्ट डाला जाता है और फिर से घी डाला जाता है. यह ड्रिंक काफी हैवी हो जाती है. इस ड्रिंक को पीने के बाद कोई भी पहलवान का पेट भर जाता है."

ड्राई फ्रूट और दूध लेते हैं अधिक

अमित चंदीला आगे कहते हैं, "सूखे मेवों में एनर्जी काफी अधिक होती है और वे फाइबर से भी भरपूर होते हैं. ड्राई फ्रूट खाने से शरीर में पोषक तत्वों की कमी तो दूर होती ही है साथ ही साथ वे ताकत भी देते हैं जिससे शरीर को मजबूत बनाने और प्रैक्टिस करने में काफी मदद मिलती है. विटामिन और खनिज से भरपूर ड्राईफ्रूट ब्लड शुगर को भी नहीं बढ़ाते इसलिए इनका आसानी से सेवन किया जा सकता है. 

डाइट के बारे में अमित कहते हैं, "पहलवान लोग घी काफी अधिक खाते हैं. एक पहलवान दिन में कम से कम 200-300 ग्राम घी जरूर खाता है क्योंकि घी से उन्हें ताकत मिलती है और शरीर भारी होता है. इसके साथ ही दिन में दो-तीन लीटर दूध लेते हैं और सुबह-शाम फल खाते हैं. पहलवान हर तरह की सब्जियां खाते हैं, मुख्य रूप से हम सोयाबीन, पालक, ब्रोकली, लेट्यूस का सेवन करते हैं. हम जितनी चाहें सब्जी खा सकते हैं लेकिन हम रोटी निश्चित मात्रा में खाते हैं. रोटी खाने से शरीर में एक्स्ट्रा कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बढ़ जाती है. इसके साथ ही पहलवान हफ्ते में तीन बार ही चावल खा सकते हैं. नमक और चीनी की मात्रा को कंट्रोल रखा जाता है क्योंकि बहुत अधिक नमक-चीनी के सेवन से लिवर फंक्शन बिगड़ सकता है. 

प्रोटीन के लिए खाते हैं पनीर

नॉनवेज के बारे में बताते हुए अमित ने बताया था, "शरीर के जरूरत के मुताबिक, प्रोटीन की मात्रा देसी खाने से आसानी से पूरी हो जाती थी इसलिए नॉनवेज खाने पर उतना फोकस नहीं रहता. हालांकि अधिकतर पहलवान दिन में करीब 200 ग्राम पनीर का सेवन करते हैं. अगर कोई अपनी डाइट में वेरिएशन लाने के लिए कुछ बदलाव करता है तो वह हफ्ते में दो-तीन बार नॉनवेज खा लेता है. 

अमित चंदीला ने बताया, "वे सप्ताह में तीन बार खीर, गुड़ और हलवा का सेवन करते हैं. अगर कभी रबड़ी भी खाते हैं तो उसमें ड्राईफ्रूट अधिक रहते हैं और उसमें चीनी की बजाय गुड़ डाला जाता है. पहलवान लोग जितनी मेहनत करते हैं उतना ही उन्हें आराम की जरूरत भी होती है. पहलवान रात में लगभग आठ घंटे की नींद लेते हैं और दिन में भी दो-ढ़ाई घंटे की नींद लेते हैं.

पहलवानों की कसरत

अमित चंदीला के मुताबिक, "पहलवान अपने दिन की शुरुआत अखाड़े से ही करते हैं. अधिकतर पहलवान सूरज निकलने से पहले ही अखाड़े पहुंच जाते हैं. अखाड़े में जाने से पहले पहलवान मिलकर अखाड़े की मिट्टी को खोदते हैं जिससे कठोर मिट्टी मुलायम हो जाती है. इसके बाद वहां पर छोटे-छोटे उपकरणों से कसरत शुरू करते हैं, जिससे शरीर गर्म हो जाता है. इससे खिंचाव और चोट लगने का जोखिम कम हो जाता है. 

सबसे पहले पहलवान एक-दूसरे की मालिश करते हैं और फिर कसरत की शुरुआत करते हैं. दंड-बैठक से शुरुआत करते हैं और फिर रस्सी चढ़ते हैं. ऐसा करने से मांसपेशियों खून तेजी से दौड़ने लगता है और चोट लगने के खतरा कम हो जाता है. अगर कोई ऐसा नहीं करता तो कठिन कसरत के दौरान पीठ में चोट लग सकती है. कुछ मॉर्डर्न सुविधाएं आ जाने से कसरत में कुछ वेरिएशन एड कर दिए गए हैं. टायर फ्लिप या बैटल रोप जैसी एक्सरसाइज भी अखाड़े में कराई जाती हैं. पुशअप्स, स्क्वॉट, बर्पी जैसी एक्सरसाइज भी करते हैं. हर पहलवान कम से कम 1000 पुशअप्स और 500 बर्पी भी करता है." 

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