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Custard Apple Benefits: जी भरकर सीताफल खा सकते हैं डायबिटीज के मरीज, बस रखें इस बात का ख्याल

कस्टर्ड एप्पल को शरीफा के नाम से भी जाना जाता है. यह फल बाहर से कठोर और अंदर से काफी मीठा और गूदेदार होता है. सेहत के लिए कस्टर्ड एप्पल काफी फायदेमंद माना जाता है. कस्टर्ड एप्पल के फल, पत्तों, जड़, और छाल का इस्तेमाल दवाइयों के तौर पर भी किया जाता है. ऐसे में आज हम आपको कस्टर्ड एप्पल के कुछ फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं साथ ही यह भी जानते हैं कि क्या डायबिटीज के मरीज इस फल का सेवन कर सकते हैं या नहीं?

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डायबिटीज में कस्टर्ड एप्पल खाने के फायदे डायबिटीज में कस्टर्ड एप्पल खाने के फायदे

कस्टर्ड एप्पल को भारत में सीताफल और शरीफा के नाम से भी जाना जाता है. कस्टर्ड एप्पल का इस्तेमाल आयुर्वेद में भी लंबे समय से किया जाता रहा है. बहुत सी स्टडीज में कस्टर्ड एप्पल के कई फायदों के बारे में बताया गया है. कस्टर्ड एप्पल के पेड़ का फल जितना फायदेमंद होता है उतनी ही फायदेमंद इसकी पत्तियां, जड़ और छाल भी होती है. कई तरह की दवाइयों में इसका इस्तेमाल किया जाता है. यह फल बाहर से कठोर दिखता है लेकिन अंदर से बहुत मुलायम और गूदेदार होता है. ऐसे में आज हम आपको इसके कुछ फायदों के बारे में में बताने जा रहे हैं साथ ही आइए जानते हैं कि क्या डायबिटीज के मरीज इस फल का सवेन कर सकते हैं या नहीं. 

एनर्जी का है बहुत अच्छा सोर्स- नॉर्मल सेब की तुलना में कस्टर्ड एप्पल में कैलोरी की मात्रा कराफी ज्यादा होती है. जिसके चलते इसे खाने से आपको काफी ज्यादा एनर्जी मिलती है. इसमें पोटैशियम की मात्रा भी काफी ज्यादा पाई जाती है जो मसल्स की कमजोरी और ब्लड सर्कुलेशन के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. 

हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद- कस्टर्ड एप्पल में सोडियम और पोटैशियम का एक बैलेंस रेशियो (अनुपात) होता है जो शरीर में ब्लड प्रेशर के उतार-चढ़ाव को कंट्रोल करने में मदद करता है. एक छोटे कस्टर्ड एप्पल से आपको 10 फीसदी मैग्नीशियम मिल सकता है जो किसी व्यक्ति के लिए मैग्नीशियम की पर्याप्त खुराक है. ये शरीर के कई अंगों के ठीक तरह से काम करने के लिए जरूरी होता है. साथ ही ये हार्ट की मांसपेशियों को आराम देता है और स्ट्रोक के खतरे को कम करता है.

डायबिटीज के मरीजों के लिए- कस्टर्ड एप्पल ड्रैगन फ्रूट की तुलना में काफी मीठा होता है और डायबिटीज के मरीजों के लिए एक अच्छा ऑप्शन नहीं माना जाता. कस्टर्ड एप्पल का जीआई लेवल 54 होता है लेकिन ग्लाइसेमिक लोड 10.2 है. अगर डायबिटीज के मरीज कस्टर्ड एप्पल  का सेवन सीमित मात्रा में करते हैं तो उनके लिए यह काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. कस्टर्ड एप्पल लपॉलीफेनोलिक एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है. यह इंसुलिन के ज्यादा उत्पादन और ग्लूकोज को अवशोषित करने में मदद करता है जिससे शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है.

डाइट एक्सपर्ट्स कस्टर्ड एप्पल को  छोटे-छोटे टुकड़ों में खाने की सलाह देते हैं और सीधे खाने की बजाय आप दलिया, दही और स्मूदी में इसे मिक्स करके खा सकते हैं. 100 ग्राम कस्टर्ड एप्पल में 20 mg विटामिन सी पाया जाता है जिसका इंसुलिन प्रोडक्शन पर प्रभाव पड़ता है और यह ब्लड शुगर लेवल को कम रखने में मदद करता है. 

पेट की समस्याओं के लिए फायदेमंद-  कस्टर्ड एप्पल का सेवन करने से अल्सर, पेट की समस्याओं और एसिडिटी आदि से बचा जा सकता है. 100 ग्राम कस्टर्ड एप्पल में 2.5 गुना ज्यादा फाइबर पाया जाता है और आधे संतरे के बराबर विटामिन सी होता है. साथ ही इसमें मौजूद मैग्नीशियम की अधिक मात्रा बाउल मूवमेंट को मेनटेन रखने में मदद करती है. 


डिप्रेशन से लड़ने में फायदेमंद-  कस्टर्ड एप्पल में भरपूर मात्रा में  एंटीऑक्सिडेंट्स पाए जाते हैं जो हमारे शरीर को फ्री रेडिकल्स के हानिकारक प्रभावों से बचाते हैं. साथ ही ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने के साथ ही कैंसर और कोरोनरी हार्ट डिजीज जैसी बीमारियों को भी रोकने का काम करते हैं. कुछ स्टडीज में इस बात का पता चला है कि कस्टर्ड एप्पल के पत्तों में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-ट्यूमर, मोटापा कर करने, एंटी ऑक्सिडेंट, एंटीवायरल और एंटी-माइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं.

 कस्टर्ड एप्पल से शरीर को बी कॉम्प्लेक्स विटामिन मिलता है. ये बी कॉम्प्लेक्स विटामिन दिमाग में मौजूद गाबा (गामा-एमिनोब्यूट्रिक एसिड) न्यूरॉन केमिकल लेवल को कंट्रोल करता है, जो डिप्रेशन, स्ट्रेस और  हमारी भावनाओं को कंट्रोल करने में मदद करते हैं. इस तरह विटामिन B आपको शांत रखने में मदद करता है. 


 

 

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