
सफेद बालों को छिपाने के लिए लोग अलग-अलग तरह के हेयर कलर्स या डाई का इस्तेमाल करते हैं. वहीं एक तबका ऐसा भी है जो हेयर कलर्स की अपेक्षा बाजार में मिलने वाले 'नेचुरल ब्लैक मेहंदी' का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं. उनका मानना होता है कि हेयर कलर्स के साइड इफेक्ट होते हैं लेकिन काली मेहंदी का इस्तेमाल पूरी तरह सुरक्षित होता है क्योंकि यह पूरी तरह नेचुरल है और इससे बालों को कोई नुकसान नहीं होगा. लेकिन क्या वाकई मेहंदी से बाल कभी काले हो सकते हैं?
इंदौर में अस्थमा, एलर्जी और रेस्पिरेटरी डिजीज के डॉ. सैयद जेड. ए. जाफरी (Dr. S Z JAFREY) ने इसके पीछे का एक ऐसा डरावना सच बताया है, जिसे जानकर आपके होश उड़ जाएंगे. डॉक्टर के मुताबिक, बाजार में मिलने वाली काली मेहंदी असल में मेहंदी होती ही नहीं है, बल्कि यह केमिकल्स का एक खतरनाक कॉम्बिनेशन है जो आपके बालों और सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है.

डॉ. जाफरी ने वीडियो में बताया, 'नेचुरल या ओरिजिनल मेहंदी से बाल कभी भी काले नहीं होते हैं. अगर आप बिना किसी मिलावट वाली असली मेहंदी लगा रहे हैं तो उससे बालों का रंग हमेशा लाल, संतरी या डार्क कॉपर जैसा होगा. बाजार में जो मेहंदी यह दावा करके बेची जाती है कि उससे बाल तुरंत काले हो जाएंगे, वह पूरी तरह फेक है. उसमें भारी मात्रा में सिंथेटिक रंग और हानिकारक केमिकल्स मिलाए जाते हैं.'
इस नकली काली मेहंदी को लगाने से बेहतर है कि आप किसी अच्छे ब्रांड का हेयर कलर ही इस्तेमाल कर लें क्योंकि कम से कम उन पर केमिकल्स की सही जानकारी तो लिखी होती है. डर के मारे काली मेहंदी अपनाना सेहत से खिलवाड़ करने जैसा है.
अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी और WebMD का कहना है कि काली मेहंदी को डार्क बनाने के लिए उसमें पैरा-फेनिलैन्डीमाइन (Paraphenylenediamine या PPD) नाम का एक खतरनाक कोल-टार डाई मिलाया जाता है. नेचुरल मेहंदी त्वचा और बालों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित होती है लेकिन जब इसमें PPD मिला दिया जाता है तो यह स्किन के लिए बेहद टॉक्सिक हो जाती है.
DermNet की रिसर्च के अनुसार, PPD के कारण लोगों में गंभीर एलर्जिक कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस की समस्या देखी गई है जिसमें सिर की त्वचा पर भयंकर खुजली, सूजन, छाले पड़ना और केमिकल बर्न जैसी दिक्कतें हो सकती हैं.
अक्सर लोग पैकेट पर नेचुरल या हर्बल शब्द देखकर धोखा खा जाते हैं. डॉक्टर जाफरी सलाह देते हैं कि अगर आपको बाल काले ही करने हैं तो किसी सर्टिफाइड ब्रांड के हेयर कलर का ऑप्शंस चुनें. केमिकल हर कलर में होते हैं लेकिन काली मेहंदी के नाम पर बिकने वाले अनरेगुलेटेड प्रोडक्ट्स में केमिकल की मात्रा तय मानकों से कहीं ज्यादा होती है.
एनवायरनमेंटल प्रोटेक्शन एजेंसी (EPA) की एक रिपोर्ट बताती है कि PPD के अत्यधिक एक्सपोजर से न सिर्फ स्किन एलर्जी बल्कि कुछ मामलों में सांस की तकलीफ और अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियां भी ट्रिगर हो सकती हैं. इसलिए अगली बार बालों में काली मेहंदी लगाने से पहले डॉक्टर की इस चेतावनी को जरूर याद रखें.
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सामान्य जानकारी और एक्सपर्ट्स की राय पर आधारित है. इसे किसी भी तरह की मेडिकल सलाह या इलाज का विकल्प न समझें.)